बाढ़ के खतरे पर अलर्ट मोड में सरकार, उमर अब्दुल्ला ने संभाला मोर्चा

Update: 2026-07-20 10:46 GMT

जम्मू-कश्मीर: लगातार हो रही भारी बारिश और उससे पैदा हुई बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू स्थित नागरिक सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने मौजूदा हालात की समीक्षा की और अधिकारियों को बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में हालात पर लगातार नजर बनाए रखें और राहत एवं बचाव दलों, मशीनरी तथा आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखें। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को हर समय अलर्ट मोड पर रहना होगा ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 24 जुलाई तक प्रत्येक जिला हर छह घंटे में स्थिति रिपोर्ट संबंधित मंडलायुक्त को भेजेगा। इसके बाद मंडलायुक्त इन रिपोर्टों को एकत्रित कर आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग को भेजेंगे। विभाग इन रिपोर्टों को उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय तक पहुंचाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सेना, सीमा सड़क संगठन, एसडीआरएफ और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने और प्रभावित क्षेत्रों से समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयां, पेयजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा सड़क, बिजली, पेयजल योजनाओं और संचार सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग को भी मौसम की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को मौसम का आकलन करने के बाद ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन क्षेत्रों में स्कूल खोलने को लेकर उचित फैसला लिया जाए।

राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नुकसान और राहत कार्यों की स्थिति से अवगत कराया। वहीं कश्मीर संभाग में मानसून की स्थिति, मौसम संबंधी तैयारियों और श्री अमरनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, मंत्री सकीना इटू, जावेद अहमद राणा, सतीश कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि किसी भी चुनौती का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।

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