जम्मू-कश्मीर के डोडा में बड़ा हादसा, चलती बस पर चट्टान गिरने से 2 की मौत
डोडा हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट, रग्गी नाला मार्ग पर यात्रा न करने की अपील
JAMMU-AND-KASHMIR : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रग्गी नाला क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक यात्री बस इसकी चपेट में आ गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गए।
घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आई बस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस रग्गी नाला मार्ग से गुजर रही थी, तभी अचानक पहाड़ी से बड़े पत्थर और मलबा नीचे आ गिरा। चालक को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला और बस इसकी चपेट में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की और घायलों को बस से बाहर निकालने में सहयोग किया।
दो लोगों की मौत, कई घायल
हादसे में दो यात्रियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
राहत एवं बचाव अभियान तेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। बचाव अभियान के दौरान—
घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
सड़क पर गिरे पत्थरों और मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया गया।
यातायात को नियंत्रित किया गया।
प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
खराब मौसम को देखते हुए यात्रा से बचने की सलाह
लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने कहा है कि यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालना ही सुरक्षित रहेगा।
पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर हो जाती हैं, जिससे सड़क मार्गों पर खतरा बढ़ जाता है।
इसी वजह से प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर यातायात पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
यात्रियों के लिए सुरक्षा सलाह
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि—
मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लें।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों से बचें।
प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन से संपर्क करें।