रांची विवाद में कांग्रेस नेताओं पर दो FIR दर्ज

Update: 2026-07-26 04:28 GMT

रांची : झारखंड की राजधानी रांची में भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुए हंगामे और हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना को लेकर भाजपा की ओर से अरगोड़ा थाना में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। दोनों मामलों में जेएससीए अध्यक्ष सह कांग्रेस नेता अजय नाथ शाहदेव समेत कुल 69 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों प्राथमिकी 23 जुलाई को हरमू स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुए विवाद और कथित हिंसक झड़प के संबंध में दर्ज की गई हैं। शिकायत मिलने के बाद अरगोड़ा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, 23 जुलाई को भाजपा प्रदेश कार्यालय में उस समय हंगामा हो गया था, जब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई और कार्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद भाजपा की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

भाजपा की शिकायत में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्यालय में हंगामा करने, माहौल खराब करने और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी जांच पूरी नहीं की है और सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

इस मामले में जेएससीए अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अजय नाथ शाहदेव सहित कई अन्य लोगों के नाम प्राथमिकी में शामिल किए गए हैं। पुलिस ने दोनों मामलों को अलग-अलग दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद ली जाएगी।

घटना के बाद रांची में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भाजपा ने इसे कार्यालय में अनुशासनहीनता और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया है, जबकि कांग्रेस की ओर से भी अपने पक्ष में दलीलें दिए जाने की संभावना है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।

राजनीतिक दलों के बीच विरोध प्रदर्शन और आंदोलन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन इस दौरान हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को लेकर कानून में सख्त प्रावधान हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक दलों के कार्यालयों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई या नहीं।

फिलहाल अरगोड़ा थाना पुलिस दोनों प्राथमिकी के आधार पर जांच में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

रांची के हरमू स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुए इस विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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