खूंटी लोक अदालत में 51 मामलों का निपटारा, 45.44 लाख के समझौते पर लगी मुहर

Update: 2026-07-26 05:20 GMT

खूंटी : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), खूंटी के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित मासिक लोक अदालत में लोगों को त्वरित न्याय का लाभ मिला। लोक अदालत में कुल 51 मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निष्पादन किया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों में कुल 45 लाख 44 हजार 49 रुपये की राशि का समझौता हुआ।

लोक अदालत का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष रसिकेश कुमार की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पक्षकारों ने हिस्सा लिया और आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान कराया। लोक अदालत का उद्देश्य छोटे और लंबित मामलों का जल्द निपटारा कर लोगों को न्याय दिलाना है।

लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा (एमएसीटी) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में दावाकर्ता को बड़ी राहत मिली। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने दावाकर्ता को 44 लाख 93 हजार 649 रुपये का मुआवजा चेक प्रदान किया। यह राशि दुर्घटना से जुड़े मामले में समझौते के तहत दी गई।

इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और डालसा के सदस्यों ने पक्षकारों को समझाया कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान करना समय और संसाधन दोनों की बचत करता है। लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाती है, जिनका निपटारा बातचीत और समझौते के माध्यम से संभव हो।

डालसा की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की गई। इनमें मोटर दुर्घटना दावा, आपसी विवाद, वित्तीय मामलों सहित अन्य प्रकरण शामिल रहे। न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पक्षकारों के बीच सहमति बनाकर मामलों का समाधान किया गया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने कहा कि लोक अदालत आम लोगों के लिए न्याय पाने का एक सरल और प्रभावी माध्यम है। इसमें बिना लंबी प्रक्रिया के दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि डालसा लगातार लोगों को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।

लोक अदालत में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और लोगों को राहत मिलती है। कई बार छोटे विवाद लंबे समय तक चलते रहते हैं, लेकिन लोक अदालत के माध्यम से उन्हें कम समय में समाप्त किया जा सकता है।

मासिक लोक अदालत के आयोजन को लेकर डालसा की ओर से पहले से ही तैयारियां की गई थीं। पक्षकारों को मामलों के समाधान के लिए प्रेरित किया गया और दोनों पक्षों की सहमति के बाद निर्णय लिया गया।

कार्यक्रम के दौरान न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और डालसा से जुड़े कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मामलों की सुनवाई में सहयोग किया और पक्षकारों के बीच समझौता कराने में मदद की।

खूंटी में आयोजित इस लोक अदालत से कई लोगों को राहत मिली। विशेष रूप से मोटर दुर्घटना दावा मामले में मिले मुआवजे से पीड़ित पक्ष को आर्थिक सहायता उपलब्ध हुई। 44 लाख 93 हजार 649 रुपये की राशि का चेक प्रदान किया जाना इस लोक अदालत की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, लोक अदालतें न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें विवादों का समाधान आपसी सहमति से होता है, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट रहते हैं। साथ ही, समय और धन की बचत भी होती है।

डालसा समय-समय पर जिला स्तर पर लोक अदालतों का आयोजन करता है ताकि अधिक से अधिक लोगों को न्याय का लाभ मिल सके। इन आयोजनों में बैंकिंग, पारिवारिक विवाद, दुर्घटना दावा और अन्य मामलों का समाधान किया जाता है।

शनिवार को आयोजित लोक अदालत में भी यही उद्देश्य सफल होता दिखाई दिया। कुल 51 मामलों का निष्पादन और 45 लाख 44 हजार 49 रुपये के समझौते से यह स्पष्ट हुआ कि लोगों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने में रुचि दिखाई।

डालसा की ओर से भविष्य में भी इस तरह के आयोजन जारी रखने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि लोक अदालतों के माध्यम से समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक न्याय पहुंचाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।

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