फायर और SDRF सेवाओं को मिलेगी नई ताकत

Update: 2026-07-26 05:10 GMT

बेंगलुरु : कर्नाटक सरकार राज्य में फायर और इमरजेंसी सेवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार मजबूत करने की तैयारी कर रही है। गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को कहा कि राज्य की बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार और आपात स्थितियों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए फायर एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा।

गृह मंत्री ने कर्नाटक स्टेट फायर एंड इमरजेंसी सर्विस (KSFES) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और सेवाओं को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

प्रियांक खड़गे ने कहा कि आधुनिक समय में आपात स्थितियों से निपटने के लिए केवल पारंपरिक संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। फायर और इमरजेंसी सेवाओं में नई तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित कर्मचारियों और तेज प्रतिक्रिया प्रणाली को शामिल करना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आधुनिकीकरण योजना में तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता दी जाए। इसमें अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, बेहतर संचार व्यवस्था, डिजिटल निगरानी प्रणाली और आपदा के समय तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता बढ़ाने जैसे विषय शामिल किए जाएं।

गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए फायर और रेस्क्यू टीमों की प्रतिक्रिया क्षमता को तेज करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था विकसित करने को कहा जिससे दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा या अन्य संकट के समय राहत कार्य जल्द शुरू किया जा सके।

बैठक के दौरान विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। प्रियांक खड़गे ने कहा कि फायर और इमरजेंसी सेवाओं में मानव संसाधन की कमी को दूर किया जाएगा। रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा ताकि विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य के जिन क्षेत्रों में जरूरत महसूस होगी, वहां नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। खासकर तेजी से विकसित हो रहे शहरी इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में आपात सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।

गृह मंत्री ने कर्मचारियों के हितों को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के प्रमोशन, सेवा नियमों में सुधार और कल्याण से जुड़े प्रस्तावों पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फायर और इमरजेंसी विभाग के कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए। कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने और उनके प्रशिक्षण एवं कौशल विकास पर भी ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की भूमिका पर भी चर्चा हुई। प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में SDRF की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। गृह मंत्री ने बल की क्षमता बढ़ाने और बेहतर समन्वय के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

प्रियांक खड़गे ने होम गार्ड कर्मचारियों के प्रभावी उपयोग को लेकर भी अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा और आपात परिस्थितियों में होम गार्ड बल का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से होम गार्ड कर्मचारियों के मानदेय और अन्य सेवा लाभों को बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंपने को कहा। उनका कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन कर्मचारियों के कल्याण पर भी ध्यान देना जरूरी है।

राज्य सरकार का मानना है कि मजबूत फायर और इमरजेंसी सेवा व्यवस्था किसी भी विकसित राज्य के लिए जरूरी है। बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों के कारण आग और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए अधिक सक्षम तंत्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर आपात प्रतिक्रिया प्रणाली किसी भी दुर्घटना में नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

गृह मंत्री के निर्देश के बाद अब विभाग की ओर से आधुनिकीकरण योजना तैयार की जाएगी। इसमें तकनीकी उन्नयन, नए संसाधनों की व्यवस्था, कर्मचारियों की भर्ती और प्रशिक्षण जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा।

कर्नाटक सरकार की इस पहल का उद्देश्य फायर और इमरजेंसी सेवाओं को ऐसी व्यवस्था में बदलना है जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो। सरकार का दावा है कि मजबूत आपदा प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली से राज्य में नागरिकों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

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