तटीय कर्नाटक में भारी बारिश, उडुपी में ऑरेंज अलर्ट

Update: 2026-07-26 05:27 GMT

बेंगलुरु : कर्नाटक के तटीय जिलों में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहा, जबकि राज्य के अधिकांश अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहा। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (KSNDMC) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के केवल करीब 22 प्रतिशत हिस्से में ही 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई।

तटीय क्षेत्रों में सक्रिय मानसूनी गतिविधियों के कारण उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हुई। वहीं, राज्य के आंतरिक इलाकों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहीं। मौसम विभाग के अनुसार, तटीय कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर बने रहने की संभावना है।

KSNDMC के आंकड़ों के मुताबिक, उडुपी जिले के मदमक्की क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 99.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दक्षिण कन्नड़ जिले के नेरिया गांव में 94.5 मिमी बारिश हुई। इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन पर भी असर पड़ा है।

शनिवार को उडुपी जिले में कई स्थानों पर रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश होती रही। उडुपी शहर के अलावा ब्रह्मवर, कुंडापुर, कौप और करकला तालुक क्षेत्रों में भी बारिश का प्रभाव देखने को मिला। बारिश के कारण कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए उडुपी जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए। प्रशासन ने शनिवार को जिले के स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी थी। अधिकारियों ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की।

तटीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर से आने वाली नम हवाओं और मानसूनी प्रणाली के सक्रिय रहने के कारण तटीय कर्नाटक में बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि, राज्य के अन्य हिस्सों में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने के कारण बारिश कम दर्ज की गई है।

कर्नाटक के कई जिलों में किसानों की नजरें भी बारिश पर टिकी हुई हैं। जहां पर्याप्त बारिश वाले क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को फायदा मिल रहा है, वहीं कम बारिश वाले इलाकों में किसान अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जैसे तटीय जिलों में धान और अन्य फसलों की खेती के लिए बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। लगातार बारिश से खेती को लाभ मिलने की उम्मीद है, हालांकि अधिक बारिश की स्थिति में जलभराव और अन्य समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

प्रशासन ने तटीय जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय रखा है। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, पेड़ गिरने और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए तैयारियां की गई हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

राज्य के कुछ हिस्सों में जहां बारिश की कमी बनी हुई है, वहीं तटीय क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तटीय कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।

शनिवार को हुई बारिश ने जहां तटीय जिलों में मानसून की सक्रियता को दर्शाया, वहीं राज्य के बाकी हिस्सों में कमजोर बारिश ने मौसम के असमान वितरण को भी उजागर किया। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति पर बनी हुई हैं।

कुल मिलाकर, कर्नाटक में मानसून का असर क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग दिखाई दे रहा है। तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और अलर्ट के बीच प्रशासन सतर्क है, जबकि कम बारिश वाले जिलों में लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

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