भोपाल। स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद शनिवार दोपहर राजधानी भोपाल की प्रमुख पर्यटन और सार्वजनिक जगहों के आसपास भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। शहर के व्यस्त इलाकों में करीब तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ सड़कों पर निकलने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे विभिन्न स्थानों पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए शहर की प्रमुख पर्यटन जगहों की ओर निकल पड़े। इसके बाद पॉलिटेक्निक स्क्वायर से बोट क्लब तक वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया।

जाम का असर मुख्यमंत्री आवास और भारत भवन के आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला। सड़क पर कारों, दोपहिया वाहनों, ऑटो-रिक्शा और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर वाहन काफी देर तक एक ही जगह खड़े रहे, जबकि कुछ हिस्सों में यातायात बेहद धीमी गति से आगे बढ़ता दिखाई दिया।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, संबंधित इलाके में एक हजार से ज्यादा लोग जमा हो गए थे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने के कारण सड़क की क्षमता पर अतिरिक्त दबाव पड़ा और यातायात प्रभावित हो गया।

सबसे ज्यादा परेशानी बोट क्लब के आसपास देखने को मिली। स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ बोट क्लब तथा आसपास के पर्यटन स्थलों पर पहुंचे थे। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण यहां वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई।

बोट क्लब की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। स्थिति ऐसी हो गई कि कई वाहन चालकों को थोड़ी दूरी तय करने में भी काफी समय लग गया। जाम में कार और दोपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि ऑटो-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहन भी फंसे रहे।

सड़कों पर बढ़ी भीड़ का असर पैदल यात्रियों पर भी पड़ा। बोट क्लब के आसपास बड़ी संख्या में लोग पैदल चल रहे थे, लेकिन वाहनों की लंबी कतार और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के कारण उन्हें भी आगे बढ़ने में परेशानी हुई।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहर की प्रमुख जगहों पर पहले से बड़ी भीड़ पहुंचने की संभावना थी। इसके बावजूद जाम की स्थिति बनने से यातायात प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठे। लोगों का कहना था कि छुट्टी और राष्ट्रीय पर्व को देखते हुए प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे।

वाहन चालकों ने भी जाम को लेकर नाराजगी जाहिर की। कई लोगों का कहना था कि उन्हें लंबे समय तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा। कुछ लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया, लेकिन आसपास की सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ जाने के कारण ज्यादा राहत नहीं मिली।

स्थिति बिगड़ने के बाद ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने वाहनों को व्यवस्थित करने और यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया। अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मी वाहनों को आगे बढ़ाने और सड़क किनारे अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को हटाने में जुटे रहे।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल के बोट क्लब समेत कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। परिवारों के साथ लोग यहां घूमने और छुट्टी का आनंद लेने आते हैं। ऐसे में दोपहर और शाम के समय इन इलाकों में वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है।

इस बार भी ध्वजारोहण समारोह समाप्त होने के बाद लोगों की भीड़ अचानक पर्यटन स्थलों की ओर बढ़ी। एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से सड़क पर जाम लग गया और करीब तीन किलोमीटर तक यातायात प्रभावित रहा।

यातायात व्यवस्था सामान्य करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने, गलत तरीके से वाहन खड़े नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।

घटना ने बड़े आयोजनों और छुट्टियों के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर बेहतर योजना की जरूरत को भी सामने रखा है। प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल, पार्किंग व्यवस्था और वैकल्पिक मार्गों की पहले से योजना बनाकर ऐसी स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

फिलहाल स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच भोपाल में लगा यह लंबा जाम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना। बोट क्लब से लेकर पॉलिटेक्निक स्क्वायर तक वाहनों के दबाव ने राष्ट्रीय पर्व पर शहर के ट्रैफिक प्रबंधन की बड़ी चुनौती को सामने ला दिया।

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