छतरपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। वैदिक गुरुकुलम में आयोजित समारोह के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नई पीढ़ी यानी Gen-Z को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और जीवनभर भारत की प्रगति के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि देशभक्ति का अर्थ केवल भावनात्मक नारे लगाना नहीं है। देश के लिए ईमानदारी से काम करना, जिम्मेदार नागरिक बनना और समाज के विकास में योगदान देना भी राष्ट्रसेवा है। उन्होंने युवाओं को भारत का वर्तमान और भविष्य बताते हुए कहा कि देश को आगे ले जाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नई पीढ़ी के कंधों पर है।
 देश के लिए जीने का दिया संदेश
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने परंपरागत देशभक्ति के नारे में बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब तक लोग कहते रहे हैं कि वे देश के लिए जान दे देंगे और जरूरत पड़ने पर मर मिटेंगे। अब नई पीढ़ी को कहना चाहिए कि वह देश के लिए जान नहीं देगी, बल्कि देश के लिए जिएगी।
उन्होंने समझाया कि देश के लिए जीने का अर्थ अपने ज्ञान, कौशल, श्रम और चरित्र का उपयोग राष्ट्रहित में करना है। युवा जिस भी क्षेत्र में जाएं, वहां ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करें। शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, कृषि, रक्षा, खेल और सामाजिक सेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं का सकारात्मक योगदान भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करेगा।
 गुरुकुलम के विद्यार्थियों के साथ मनाया पर्व
स्वतंत्रता दिवस पर बागेश्वर धाम के वैदिक गुरुकुलम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। ध्वजारोहण के बाद विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियां दीं। धीरेंद्र शास्त्री ने बच्चों के साथ समय बिताते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि गुरुकुलम के विद्यार्थियों में रामभक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना देखकर उनका हृदय गर्व से भर गया है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय कर्तव्यों से भी परिचित कराया जाना चाहिए। संस्कारवान और शिक्षित युवा ही मजबूत राष्ट्र की नींव तैयार करते हैं। उन्होंने युवाओं से सामाजिक बुराइयों से दूर रहने, माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
राष्ट्रहित के खिलाफ काम करने वालों पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि युवाओं को राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। देशहित के विरुद्ध काम करने वाली शक्तियों का लोकतांत्रिक और वैचारिक स्तर पर मजबूती से विरोध किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जो देश के खिलाफ होगा, उसे भारत की युवा शक्ति सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नागरिकों को अपने दैनिक जीवन में अनुशासन, स्वच्छता, जिम्मेदारी और ईमानदारी अपनाकर देश के विकास में सहयोग करना चाहिए।
 सैनिकों के त्याग को किया नमन
धीरेंद्र शास्त्री ने भारतीय सेना और सुरक्षाबलों के जवानों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि तिरंगा केवल हवा से नहीं, बल्कि देश के जवानों की सांसों और उनके बलिदान से लहराता है। सैनिक केवल वेतन के लिए नहीं, बल्कि वतन की रक्षा के उद्देश्य से सीमाओं पर तैनात होते हैं। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले बागेश्वर धाम में मूसलाधार बारिश के बीच तिरंगा यात्रा भी निकाली गई थी। तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं और बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ। धीरेंद्र शास्त्री भी यात्रा में शामिल हुए और लोगों ने तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाए।
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