दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। एक निजी स्कूल में राष्ट्रीय ध्वज लगाने की तैयारी कर रहे कक्षा 11वीं के छात्र की 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद स्कूल परिसर और मृतक छात्र के गांव में शोक का माहौल है।
मृतक छात्र की पहचान जोनिया गांव निवासी राज कुशवाहा के रूप में हुई है। राज दतिया के लिटिल स्टार स्कूल में कक्षा 11वीं का छात्र था। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर स्कूल में सजावट और ध्वजारोहण की तैयारियां की जा रही थीं। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को कक्षाएं समाप्त होने के बाद राज को स्वतंत्रता दिवस समारोह की सजावट में सहयोग के लिए स्कूल वापस बुलाया गया था। स्कूल परिसर को राष्ट्रीय पर्व के लिए सजाया जा रहा था और ध्वजारोहण की व्यवस्था भी की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि राज राष्ट्रीय ध्वज लगाने के काम में जुटा हुआ था। इसके लिए वह लोहे का पाइप लेकर स्कूल की छत पर चढ़ा। इसी दौरान लोहे का पाइप छत के पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया।
हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही पाइप में तेज करंट दौड़ गया और राज उसकी चपेट में आ गया। करंट इतना तेज था कि छात्र गंभीर रूप से झुलस गया। अचानक हुई घटना से स्कूल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद स्कूल में मौजूद शिक्षक और अन्य लोग छात्र की मदद के लिए दौड़े। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी जांच की। छात्र को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
राज की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिजन घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे। बेटे की मौत से परिवार के सदस्य सदमे में हैं। जोनिया गांव में भी घटना की जानकारी पहुंचने के बाद शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र को स्कूल की छत पर किसके निर्देश पर भेजा गया था और हाईटेंशन लाइन के इतने करीब लोहे के पाइप का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा था।
इस हादसे के बाद स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रीय पर्व की तैयारी जैसे कार्य में छात्र को जोखिम वाली जगह पर भेजे जाने और छत के पास हाईटेंशन लाइन मौजूद होने के बावजूद पर्याप्त सावधानी नहीं बरते जाने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली की हाईटेंशन लाइन के आसपास किसी भी तरह की धातु की वस्तु लेकर काम करना बेहद खतरनाक हो सकता है। स्कूलों में इस तरह के कार्य प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराए जाने चाहिए और बच्चों को जोखिम वाले कामों से दूर रखा जाना चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व को लेकर स्कूलों में कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। छात्र भी सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों में भाग लेते हैं। हालांकि, ऐसी गतिविधियों के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
हादसे ने स्वतंत्रता दिवस की खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस छात्र को राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों में शामिल होने के लिए स्कूल बुलाया गया था, उसी दौरान हुई दुर्घटना में उसकी जान चली गई।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि स्कूल परिसर और छत पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। इसके साथ ही हाईटेंशन बिजली लाइन और स्कूल भवन के बीच की स्थिति की भी पड़ताल की जा सकती है।
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए बिजली विभाग भी लगातार लोगों को हाईटेंशन लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह देता है। विशेष रूप से लोहे के पाइप, सीढ़ी, छड़ और अन्य धातु की वस्तुओं को बिजली की लाइनों के आसपास ले जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
राज की असमय मौत ने परिवार के साथ उसके सहपाठियों और शिक्षकों को भी गहरा सदमा दिया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के उत्साह के बीच हुई इस घटना से स्कूल का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी और परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर स्कूलों में आयोजनों के दौरान बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत को रेखांकित किया है।