Guna Mandi : मध्य प्रदेश के गुना जिले की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में मक्का की बंपर आवक ने पिछले पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मंडी में एक ही दिन में रिकॉर्ड 65,476 क्विंटल मक्का पहुंचा। इतनी बड़ी मात्रा में कृषि उपज आने से मंडी परिसर और आसपास के इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह से ही किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचने लगे थे और दोपहर तक स्थिति ऐसी हो गई कि मंडी परिसर में वाहनों को खड़ा करने के लिए जगह कम पड़ गई। बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंडी प्रबंधन ने तत्काल अतिरिक्त व्यवस्था की। इसके तहत शहर के दशहरा मैदान में भी मक्का की नीलामी कराई गई, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।
पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, एक दिन में पहुंचा 65,476 क्विंटल मक्का
गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में इस वर्ष मक्का की आवक लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को मंडी में 65,476 क्विंटल मक्का पहुंचने के साथ ही पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया। यह आंकड़ा मौजूदा सीजन में एक दिन की सबसे अधिक आवक बताया जा रहा है।मंडी से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सभी कृषि उपजों को मिलाकर कुल 74,517 क्विंटल की आवक दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक हिस्सा मक्का का रहा।पिछले वर्ष इसी अवधि में एक दिन में अधिकतम लगभग 57 हजार क्विंटल मक्का मंडी पहुंचा था। इस बार यह आंकड़ा काफी पीछे छूट गया है।बड़ी मात्रा में फसल आने से जहां किसानों की सक्रियता बढ़ी है, वहीं मंडी प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से भर गई मंडी, दशहरा मैदान में हुई नीलामी
मंगलवार सुबह से ही मंडी के प्रवेश मार्ग पर किसानों के वाहनों की आवाजाही तेज हो गई थी। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में मक्का भरकर अपनी उपज बेचने पहुंचे।मंडी परिसर में जगह कम पड़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयार वैकल्पिक व्यवस्था लागू की। इसके तहत दशहरा मैदान में भी कृषि उपज की डाक नीलामी कराई गई।मंडी सचिव आरपी सिंह की देखरेख में दशहरा मैदान पर 1,757 ट्रैक्टरों से लाई गई किसानों की उपज की नीलामी संपन्न कराई गई।अधिकारियों ने मुख्य मंडी और वैकल्पिक स्थल पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए अलग-अलग इंतजाम किए।इसके चलते भारी आवक के बावजूद शहर में बड़े स्तर पर यातायात बाधित होने की स्थिति से बचा जा सका। प्रशासन की इस व्यवस्था से किसानों को भी राहत मिली।
किसानों को बेहतर भाव की उम्मीद, आसपास के जिलों से भी पहुंचे वाहन
इस वर्ष मक्का की अच्छी पैदावार और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद के चलते गुना मंडी में किसानों की भीड़ बढ़ी है।गुना के अलावा शिवपुरी, अशोकनगर और राजगढ़ सहित आसपास के जिलों से भी किसान अपनी मक्का की फसल लेकर नानाखेड़ी मंडी पहुंच रहे हैं।किसानों का प्रयास है कि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिले और बिक्री प्रक्रिया जल्द पूरी हो, ताकि उन्हें अधिक समय तक मंडी में इंतजार न करना पड़े।
24 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मंडी में मक्का का औसत भाव करीब 2,500 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया था। हालांकि, मंगलवार 27 अक्टूबर के उपलब्ध बाजार आंकड़ों में गुना मंडी में मक्का का भाव गुणवत्ता के अनुसार 2,175 रुपये से 2,620 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज हुआ।फसल की गुणवत्ता, नमी और खरीदारों की मांग के आधार पर वास्तविक बिक्री मूल्य अलग-अलग हो सकता है।मंडी में बड़ी मात्रा में आवक होने के कारण किसानों के लिए पारदर्शी नीलामी और समय पर भुगतान महत्वपूर्ण हैं।
भीड़ संभालने के लिए प्रशासन ने बनाई विशेष योजना
मंडी में लगातार बढ़ रही कृषि उपज की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पहले से ही व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ था।मंडी समिति, एसडीएम, सीएसपी और अन्य अधिकारियों के बीच बैठकें आयोजित कर भारी संख्या में आने वाले वाहनों को व्यवस्थित करने की योजना तैयार की गई थी।
मंगलवार को इसी योजना के तहत मुख्य मंडी परिसर और दशहरा मैदान में वाहनों को भेजने की व्यवस्था लागू की गई।मंडी के प्रवेश और निकासी मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए गए। इसके अलावा लाउडस्पीकर के माध्यम से वाहन चालकों को जरूरी निर्देश दिए गए।जिन वाहनों को दशहरा मैदान जाना था, उन्हें सीधे उसी ओर भेजा गया। इससे मुख्य मंडी परिसर पर दबाव कम हुआ।किसानों के लिए पेयजल, बैठने की जगह और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई थी। इससे पहले मंडी में पानी के टैंकर, टेंट और कुर्सियों के इंतजाम किए जाने की जानकारी सामने आई थी।प्रशासन का उद्देश्य था कि भारी आवक के बावजूद किसानों की फसल की नीलामी समय पर हो और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
बुधवार को मुख्य मंडी में नीलामी, आवक बढ़ने पर फिर बदलेगी व्यवस्था
मंगलवार को रिकॉर्ड आवक के बाद मंडी प्रशासन ने अगले दिनों की नीलामी व्यवस्था को लेकर भी योजना तैयार की है।जानकारी के अनुसार, बुधवार को मुख्य मंडी प्रांगण में उपज की डाक नीलामी की व्यवस्था निर्धारित की गई है। यदि आने वाले दिनों में मक्का की आवक का दबाव इसी तरह बना रहता है, तो दशहरा मैदान का दोबारा उपयोग किया जा सकता है।
मंडी प्रबंधन का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पहुंचने से परिवहन और कृषि व्यापार से जुड़ी गतिविधियां भी तेज हुई हैं। हालांकि, लगातार भारी आवक बनी रहने पर मंडी परिसर में जगह, वाहनों की आवाजाही और नीलामी की गति को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।गुना जिले में मक्का की इस रिकॉर्डतोड़ आवक को कृषि व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड टूटना बताता है कि इस सीजन में मंडी तक बड़ी मात्रा में फसल पहुंच रही है।