इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर में जल संकट की बढ़ती आशंका को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर जल संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंगलवार, 27 अक्टूबर को नगर निगम की टीम ने पहली चालानी कार्रवाई करते हुए पानी बर्बाद करने पर 2,000 रुपये का स्पॉट फाइन लगाया। यह कार्रवाई नगर निगम के जोन क्रमांक 21 के वार्ड 79 में आरआर कैट रोड स्थित सेवन स्टेप गार्डन के सामने की गई। यहां एक व्यक्ति दुकान के बाहर पाइप लगाकर पानी बहाते हुए फर्श की सफाई कर रहा था। महापौर ने स्वयं मौके पर पानी की बर्बादी देखी और संबंधित व्यक्ति को समझाइश दी। इसके बाद भी पानी का दुरुपयोग जारी रहने पर निगम अधिकारियों ने चालान काट दिया। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में पानी की अनावश्यक बर्बादी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

दुकान के बाहर पाइप से पानी बहाना पड़ा महंगा

इंदौर नगर निगम की टीम ने मंगलवार को आरआर कैट रोड स्थित सेवन स्टेप गार्डन के सामने पानी की बर्बादी करने पर कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति अपनी दुकान के बाहर पाइप लगाकर पानी बहा रहा था। इससे बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर फैल रहा था।

इसी दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव क्षेत्र से गुजर रहे थे। उन्होंने पानी का अनावश्यक इस्तेमाल देखा और संबंधित व्यक्ति से इसका कारण पूछा।

व्यक्ति ने बताया कि वह हाल ही में सीमेंट से तैयार किए गए फर्श को पानी देकर मजबूत करने का काम कर रहा था।

महापौर ने उसे पानी का सीमित उपयोग करने की सलाह दी। इसके बावजूद पानी बहाए जाने पर नगर निगम की टीम ने मौके पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया।

नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पानी की बर्बादी को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर कार्रवाई

शहर में जल संरक्षण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

उनके निर्देश पर जोन क्रमांक 21 के वार्ड 79 में मुख्य स्वच्छता निरीक्षक मनीष सिंह और सहायक मुख्य स्वच्छता निरीक्षक रवि सिंह ने चालानी कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान टीम बेसिक्स के कर्मचारी भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि नागरिकों को पानी के महत्व के प्रति जागरूक करना है।

निगम का मानना है कि यदि नागरिक अभी से पानी की बचत शुरू करेंगे तो आने वाले गर्मी के मौसम में जल संकट की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।

पाइप से गाड़ी और फर्श धोने वालों पर भी नजर

महापौर ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही करें।

नगर निगम विशेष रूप से उन गतिविधियों पर नजर रख रहा है, जिनमें पाइप से लगातार पानी बहाकर वाहनों, घरों के आंगन और दुकानों के फर्श की सफाई की जाती है।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के कामों में आवश्यकता से अधिक पानी खर्च होता है।

महापौर ने स्पष्ट किया कि बाल्टी, मग या गीले पोछे से सफाई करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

लेकिन पाइप से लंबे समय तक पानी बहाकर सफाई करने और अनावश्यक रूप से पेयजल बर्बाद करने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

निगम की टीमों को ऐसे मामलों में लोगों को समझाइश देने और नियमों के अनुसार चालान करने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले समझाइश, फिर होगी चालानी कार्रवाई

इंदौर नगर निगम ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए जागरूकता और दंडात्मक कार्रवाई की संयुक्त रणनीति बनाई है।

अभियान के तहत निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित करेंगी।

शुरुआती चरण में पानी की बर्बादी करने वालों को दो से तीन बार समझाइश देने की योजना है।

इसके बाद भी यदि कोई व्यक्ति पानी का दुरुपयोग करता है, तो उसकी गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग कर नियमानुसार चालान किया जा सकता है।

नगर निगम ने इस अभियान को दीपावली तक विशेष रूप से संचालित करने की योजना बनाई है।

अभियान में गैर सरकारी संगठनों की टीमों को भी शामिल किया गया है, ताकि शहर के अधिक से अधिक लोगों तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया जा सके।

कम बारिश के कारण शहर में बढ़ी जल संकट की चिंता

इंदौर में इस वर्ष सामान्य से कम बारिश दर्ज होने के कारण जल संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मौसम संबंधी प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इस मानसून सीजन में शहर में लगभग 23 इंच बारिश हुई, जो सामान्य वर्षा से करीब 14 इंच कम बताई गई है।

कम बारिश होने से भूजल स्तर और जल स्रोतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

शहर की बड़ी आबादी पेयजल आपूर्ति के लिए नर्मदा परियोजना और अन्य स्थानीय जल स्रोतों पर निर्भर है।

ऐसे में पानी की बर्बादी रोकना नगर निगम की प्राथमिकता बन गया है।

नगर निगम का प्रयास है कि वर्तमान समय से ही नागरिकों को पानी बचाने के लिए जागरूक किया जाए, ताकि आगामी गर्मी के मौसम में जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सके।

अवैध मोटर लगाकर पानी खींचने वालों पर भी कार्रवाई

जल संरक्षण अभियान के साथ नगर निगम ने पानी की आपूर्ति व्यवस्था में होने वाली अनियमितताओं पर भी सख्ती करने का निर्णय लिया है।

निगम अधिकारियों के अनुसार, नलों में मोटर लगाकर अतिरिक्त पानी खींचने वालों पर निगरानी रखी जाएगी।

पहली बार नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यक्ति को चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी अनियमितता जारी रहने पर मोटर जब्त की जा सकती है।

नगर निगम सरकारी बोरवेल पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच भी करेगा।

इसके अतिरिक्त जिन इलाकों में लगातार पानी की कमी बनी रहती है, वहां विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर के सभी 85 वार्डों में जल संरक्षण पर जोर

इंदौर नगर निगम शहर के सभी 85 वार्डों में पानी की बचत और जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है।

निगम की बैठक में प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक सार्वजनिक प्याऊ स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित करने पर भी चर्चा हुई।

इसके साथ ही शहर के तालाबों के आसपास नए हाइड्रेंट विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाएगा।

निगम प्रशासन का मानना है कि जल संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है।

घर, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी के सीमित उपयोग से काफी मात्रा में पानी बचाया जा सकता है।

जल संरक्षण को लेकर घर-घर चलेगा जागरूकता अभियान

इंदौर नगर निगम ने जल संरक्षण को जन अभियान बनाने की तैयारी की है।

इसके तहत नगर निगम की टीमें और स्वयंसेवी संगठन विभिन्न कॉलोनियों में जाकर नागरिकों को पानी बचाने के तरीके बताएंगे।

लोगों को नलों से पानी टपकने की समस्या दूर करने, अनावश्यक रूप से मोटर नहीं चलाने और सफाई के लिए सीमित पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी जाएगी।

निगम की योजना है कि नागरिकों को समझाया जाए कि पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल भविष्य के जल संकट से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है।

नगर निगम की कार्रवाई से लोगों को मिला संदेश

आरआर कैट रोड पर हुई 2,000 रुपये की चालानी कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि नगर निगम अब पानी की बर्बादी के मामलों को गंभीरता से ले रहा है।

इस अभियान का उद्देश्य लोगों में डर पैदा करने के बजाय जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना बताया गया है।

हालांकि, लोगों को नियमों की स्पष्ट जानकारी देना और कार्रवाई में समानता बनाए रखना भी जरूरी होगा।

निगम प्रशासन के सामने अब चुनौती होगी कि जल संरक्षण अभियान को शहर के सभी क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक पानी न बहाएं और आने वाले समय में जल संकट से बचने के लिए सहयोग करें।

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