मध्य प्रदेश: स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शुक्रवार को सार्थक संस्था के बैनर तले दिव्यांग व्यक्तियों ने विशेष तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा के जरिए देशभक्ति, सम्मान और समाज में समान भागीदारी का मजबूत संदेश दिया गया।

तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए और उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के साथ देश के प्रति अपनी भावना और जिम्मेदारी को प्रदर्शित किया। व्हीलचेयर पर निकाली गई इस रैली ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और समाज को यह संदेश दिया कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकतीं।

कोठारी मार्केट से शुरू हुई यात्रा

जानकारी के मुताबिक, तिरंगा यात्रा की शुरुआत कोठारी मार्केट पार्किंग क्षेत्र से हुई। इसके बाद व्हीलचेयर रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी हॉल पहुंचकर समाप्त हुई।

रैली के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारों के साथ उत्साह दिखाया। लोगों ने तिरंगा हाथ में लेकर स्वतंत्रता दिवस के महत्व को याद किया और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी का संकल्प लिया।

पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने किया नेतृत्व

इस विशेष तिरंगा यात्रा का नेतृत्व पद्मश्री से सम्मानित सत्येंद्र सिंह लोहिया ने किया। वह खुद भी पैरा एथलीट हैं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं।

उनके नेतृत्व में निकली इस यात्रा में पैरा एथलीटों, दिव्यांग उद्यमियों और कला क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की क्षमता, आत्मविश्वास और समाज में उनकी सक्रिय भूमिका को सामने लाना था।

पैरा खिलाड़ियों की रही विशेष भागीदारी

तिरंगा यात्रा में कई प्रतिभाशाली पैरा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें भारत में पांचवें स्थान पर रहीं पैरा टेबल टेनिस राष्ट्रीय खिलाड़ी हर्षिता शहरी और दसवें स्थान पर रहीं भविष्य जैन भी शामिल थीं।

इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि मेहनत, आत्मविश्वास और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।

समान भागीदारी का दिया संदेश

आयोजकों ने बताया कि इस तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल स्वतंत्रता दिवस मनाना नहीं था, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों की भागीदारी और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था।

उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। दिव्यांग व्यक्ति भी समाज और राष्ट्र निर्माण में बराबर योगदान दे रहे हैं।

दिव्यांगों की उपलब्धियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहानुभूति नहीं बल्कि समान अवसर और सम्मान की आवश्यकता है। सही अवसर मिलने पर वे खेल, शिक्षा, व्यापार और कला सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।

तिरंगा यात्रा में शामिल प्रतिभागियों ने अपने जज्बे से यह संदेश दिया कि देश की आजादी और विकास की यात्रा में हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रेरणादायक पहल

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित यह तिरंगा यात्रा समाज के लिए प्रेरणादायक पहल रही। व्हीलचेयर पर बैठे प्रतिभागियों का उत्साह और देश के प्रति उनका समर्पण लोगों के लिए प्रेरणा बना।

यात्रा के दौरान लोगों ने दिव्यांग प्रतिभागियों का स्वागत किया और उनके जज्बे की सराहना की। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के साथ हर बाधा को पार किया जा सकता है।

राष्ट्र निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विकसित और मजबूत भारत के निर्माण में समाज के हर वर्ग का योगदान जरूरी है। दिव्यांगजन भी अपनी क्षमताओं और मेहनत के बल पर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सार्थक संस्था की ओर से आयोजित यह तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक खास हिस्सा बनी, जिसने देशभक्ति के साथ-साथ समानता और समावेशी समाज का संदेश दिया।

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