IIT निदेशक वी. कामकोटि पर टिप्पणी को लेकर IIT जोधपुर निदेशक ने जताई आपत्ति
Jodhpur जोधपुर: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि को लेकर की गई टिप्पणी पर आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रो. वी. कामकोटि देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। आईआईटी जोधपुर के निदेशक अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रो. वी. कामकोटि आईआईटी मद्रास के अत्यंत सम्मानित प्रोफेसर हैं और वर्तमान में संस्थान के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठित शिक्षाविद और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित व्यक्ति को विवादों में घसीटना या उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित उदाहरण पेश नहीं करता।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को किसी भी वैज्ञानिक या शोधकर्ता के बारे में बोलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वैज्ञानिक समुदाय का सम्मान बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि देश के विकास में शोध और शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि किसी भी शोध, विचार या वैज्ञानिक विषय पर चर्चा तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियों का असर अकादमिक और शोध समुदाय के मनोबल पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख संस्थानों में काम करने वाले वैज्ञानिक और शिक्षक लंबे समय तक शोध और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देते हैं। इसलिए उनके कार्यों का मूल्यांकन उनके शोध और उपलब्धियों के आधार पर किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि को लेकर हाल में राजनीतिक बहस शुरू हुई है। इसी मामले में कई शिक्षाविदों और संस्थानों से जुड़े लोगों ने वैज्ञानिकों के सम्मान और स्वतंत्रता को लेकर अपनी राय रखी है। प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों की गरिमा और देश के शोधकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।