जीवन में मान-अपमान व सुख-दुख को समान भाव से स्वीकारें वरिष्ठ नागरिक: स्वामी हरि तीर्थ
Bhilwara, भीलवाड़ा । वरिष्ठ नागरिकों को जीवन में मान-अपमान तथा सुख-दुख दोनों को समान भाव से सहन करने की आदत डालनी चाहिए, तभी जीवन में प्रसन्नता बनी रह सकती है। जीवन के उत्तरार्ध में छोटे-बड़े प्रत्येक कार्य को आनंद के साथ करना चाहिए। यह विचार माउंट आबू शंकर मठ के स्वामी हरि तीर्थ महाराज ने वरिष्ठ नागरिक मंच की अगस्त माह की बैठक में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कुम्हार घड़ा बनाने में मेहनत करता है, उसी प्रकार वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय समाज के निर्माण में लगाया है। इसलिए वरिष्ठ नागरिकों को अपने अनुभवों का लाभ समाज को देते हुए सकारात्मक एवं आनंदमय जीवन जीना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत वंदेमातरम् से हुई। इस दौरान मंच के नवगठित सदस्यों तथा अगस्त माह में जन्मदिन वाले सभी सदस्यों का सम्मान किया गया। महासचिव कृष्ण गोपाल सोमानी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए गत बैठक एवं उसके बाद आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी। संरक्षक इंजीनियर ओम प्रकाश हिंगड़ ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत किया। प्रदेश संरक्षक श्याम कुमार डाड ने आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष मदन खटोड़ ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देने के साथ ही प्रांतीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों से सदस्यों को अवगत कराया। बैठक में राकेश सिंघल, कैलाश चंद्र पुरोहित, प्रमोद कुमार तोषनीवाल, उमाशंकर शर्मा, मूलचंद बाफना, ओम लढा, अरुण आचार्य, ओम प्रकाश गंदोडिया, भगवती लाल सियाल, कैलाश तिवाड़ी, महिला सचिव वीणा खटोड़, मंजुलता भट्ट, उर्मिला माहेश्वरी, जतन हिंगड़, शकुंतला बाफना, निर्मला लखोटिया सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।