लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा में अनुपूरक बजट 2026-27 पेश करते हुए राजस्व विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। सरकार ने राजस्व विभाग के लिए अनुपूरक बजट में कुल 1,014.11 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया है। इसमें प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ाने और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए राज्य आपदा मोचक निधि (SDMF) के लिए 739 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

सरकार का कहना है कि यह बजटीय प्रावधान राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश में बाढ़, सूखा, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए आपदा राहत तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

अनुपूरक बजट में राजस्व विभाग को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक ढांचे को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। राजस्व विभाग की जिम्मेदारी जमीन से जुड़े मामलों, आपदा प्रबंधन, राहत वितरण और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी होती है। ऐसे में विभाग को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और तेज बनाना है।

राज्य आपदा मोचक निधि के लिए प्रस्तावित 739 करोड़ रुपये का उपयोग आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए किया जाएगा। इस राशि से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने, आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने और आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना जरूरी है। समय पर राहत पहुंचाने और नुकसान को कम करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा राजस्व विभाग से जुड़े अन्य कार्यों के लिए भी बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और आम लोगों से जुड़े राजस्व मामलों के निपटारे में सहायता मिलेगी। सरकार लगातार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है।

राजस्व विभाग राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भूमि रिकॉर्ड, राजस्व वसूली, प्रमाण पत्र जारी करने, भूमि विवादों के समाधान और आपदा राहत जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य इसी विभाग के माध्यम से संचालित होते हैं। ऐसे में विभाग को अतिरिक्त बजट मिलने से इन क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार ने अनुपूरक बजट के माध्यम से यह संकेत दिया है कि वह आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने को प्राथमिकता दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने से आपात परिस्थितियों में निर्णय लेने और राहत कार्यों को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना होती है। इसके लिए मजबूत प्रशासनिक तंत्र और पर्याप्त बजट आवश्यक है। राज्य आपदा मोचक निधि में अतिरिक्त राशि का प्रावधान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में आपदा प्रबंधन एक बड़ी जिम्मेदारी है। राज्य के कई जिलों में हर साल बाढ़, जलभराव और अन्य प्राकृतिक घटनाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राहत और बचाव कार्यों के लिए पहले से बेहतर तैयारी आवश्यक होती है।

अनुपूरक बजट में किए गए प्रावधानों से जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को आपदा की स्थिति में बेहतर तरीके से काम करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।

योगी सरकार ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए विकास और प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ आपदा प्रबंधन को भी प्रमुखता दी है। राजस्व विभाग के लिए 1,014.11 करोड़ रुपये और राज्य आपदा मोचक निधि के लिए 739 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

सरकार का कहना है कि इन बजटीय व्यवस्थाओं का उद्देश्य जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना और आपदा जैसी परिस्थितियों में सरकार की प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करना है। आने वाले समय में इन प्रावधानों के माध्यम से राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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