मेरठ : उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी की बेटी के भविष्य को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने मुस्कान की 10 महीने की बेटी मन्नत उर्फ राधा की परवरिश का पूरा खर्च उठाने की इच्छा जताई है। फैजान ने बच्ची की शिक्षा, इलाज, कपड़े और भविष्य में शादी तक का खर्च उठाने की पेशकश की है। इसके लिए उन्होंने मेरठ की जिला अदालत में आवेदन देने का दावा भी किया है। हालांकि, बच्ची की देखभाल या आर्थिक सहायता को लेकर अभी कोई अंतिम कानूनी फैसला सामने नहीं आया है।
बच्ची की परवरिश के लिए मुंबई से मेरठ पहुंचे फैजान अंसारी
सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद मुस्कान की बेटी के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी बुधवार, 21 अक्टूबर को मेरठ पहुंचे। यहां उन्होंने जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे से मुलाकात की और बच्ची के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाने की इच्छा जाहिर की। फैजान ने कहा कि वह बच्ची को बेहतर भविष्य देने के लिए उसकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हैं। फैजान के अनुसार, बच्ची का इस अपराध से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में उसके बचपन, शिक्षा और भविष्य पर माता-पिता के अपराध का नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने बच्ची के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है।
पढ़ाई, इलाज और शादी तक का खर्च उठाने का वादा
फैजान अंसारी ने कहा है कि वह बच्ची की रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर उसके भविष्य तक का खर्च उठाने के इच्छुक हैं। उन्होंने बच्ची की स्कूल और उच्च शिक्षा, चिकित्सा, कपड़े तथा अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता देने की बात कही है। इसके अलावा भविष्य में शादी के खर्च में सहयोग करने की भी पेशकश की है। फैजान ने बताया कि वह अपनी आर्थिक क्षमता की जांच कराने के लिए भी तैयार हैं, ताकि संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित कर सकें कि वह अपनी पेशकश को पूरा करने में सक्षम हैं। हालांकि, आर्थिक सहायता की पेशकश और कानूनी रूप से किसी बच्चे की अभिरक्षा मिलना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
मां मुस्कान को मौत की सजा, बेटी के भविष्य पर उठे सवाल
मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड मार्च 2025 में सामने आया था। इस मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या तथा सबूत छिपाने का दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2025 को सौरभ की हत्या की गई थी। इसके बाद शव के टुकड़े करके उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपाया गया था। इसी वजह से यह मामला देशभर में 'ब्लू ड्रम हत्याकांड' के नाम से चर्चित हुआ।मेरठ की अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया था। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों को मौत की सजा सुनाई। मुस्कान ने 24 नवंबर 2025 को जेल में एक बेटी को जन्म दिया था। बच्ची फिलहाल अपनी मां के साथ मेरठ जिला जेल में रह रही है। मां को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद उसकी भविष्य की देखभाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जिला अदालत में आवेदन, कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा फैसला
फैजान अंसारी का कहना है कि उन्होंने बच्ची की परवरिश में आर्थिक सहायता देने की अनुमति के लिए जिला जज की अदालत में आवेदन दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे के अनुसार, बच्ची के संबंध में कोई भी निर्णय लेते समय मां की इच्छा और लागू कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखना होगा। बच्ची की अभिरक्षा, संरक्षण या गोद लेने जैसी प्रक्रियाओं में सक्षम प्राधिकरण की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। केवल आवेदन देने से किसी व्यक्ति को बच्ची की देखभाल का कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। इस मामले में बच्ची के सर्वोत्तम हित, उसकी सुरक्षा, परिवार की स्थिति और कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही फैसला लिया जा सकेगा।
पहले भी जरूरतमंदों की मदद करने का दावा
फैजान अंसारी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और ब्रांड प्रमोशन से जुड़े काम करते हैं। उनका दावा है कि वह पहले भी जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद कर चुके हैं। फैजान के अनुसार, अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में घायल ऑटो चालक की मदद भी उन्होंने की थी। इसके अलावा उन्होंने अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े हमले के एक मामले में पीड़ित की सहायता करने का दावा किया है। हालांकि, ये फैजान के व्यक्तिगत दावे हैं और इन्हें उनकी मौजूदा आर्थिक सहायता की पेशकश से अलग देखा जाना चाहिए।
क्या फैजान को मिल पाएगी बच्ची की जिम्मेदारी?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुस्कान की बेटी के भविष्य की व्यवस्था किस तरह होगी। बच्ची अभी बहुत छोटी है और उसकी देखभाल से जुड़े फैसलों में कई कानूनी और पारिवारिक पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। फैजान की पेशकश को लेकर यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आर्थिक सहायता किस माध्यम से दी जा सकती है और क्या इसके लिए अदालत या किसी संबंधित प्राधिकरण की अनुमति जरूरी होगी। साथ ही, बच्ची के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका और उसकी मां की सहमति भी महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल फैजान अंसारी की पहल ने सौरभ राजपूत हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम में एक नया पहलू जोड़ दिया है। आगे संबंधित अधिकारियों और अदालत की प्रक्रिया से स्पष्ट होगा कि बच्ची के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
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