वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की 31 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित विशाल जनसभा रद्द कर दी गई है। सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के संजोई गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था। लेकिन पिछले कई दिनों से जारी खराब मौसम, लगातार बारिश, जलभराव और कार्यक्रम स्थल पर कीचड़ की समस्या के कारण पार्टी ने जनसभा स्थगित करने का फैसला लिया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव उर्फ लक्कड़ और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम रद्द करने की जानकारी दी। नेताओं ने बताया कि बारिश के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बड़ी जनसभा का आयोजन उचित नहीं होगा। पार्टी नेताओं के अनुसार, मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद कार्यक्रम की नई तारीख तय की जा सकती है। फिलहाल अखिलेश यादव का प्रस्तावित वाराणसी दौरा स्थगित कर दिया गया है।
31 अक्टूबर को संजोई में होनी थी विशाल जनसभा
समाजवादी पार्टी ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर वाराणसी के सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र स्थित संजोई गांव में विशाल जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई थी।इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे।पार्टी की ओर से जनसभा की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गई थीं।कार्यक्रम में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद थी।पार्टी ने आयोजन के जरिए पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक ताकत दिखाने की तैयारी की थी।लेकिन खराब मौसम ने पूरे कार्यक्रम की योजना प्रभावित कर दी।
सांसद वीरेंद्र सिंह और सपा नेताओं ने दी जानकारी
शुक्रवार को आयोजित संयुक्त प्रेस कार्यक्रम में चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने जनसभा स्थगित किए जाने की घोषणा की।नेताओं ने बताया कि लगातार बारिश के कारण संजोई स्थित सभा स्थल पर पानी भर गया है।मैदान में कीचड़ होने से मंच, पंडाल, पार्किंग और लोगों के आवागमन की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।ऐसी परिस्थितियों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों को एकत्र करना सुरक्षित नहीं होगा।पार्टी नेताओं ने कहा कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में मौसम अनुकूल होने पर इसी क्षेत्र में दोबारा जनसभा आयोजित की जा सकती है।
हालांकि, नई तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।
किसानों की फसल को नुकसान भी बना बड़ा कारणसमाजवादी पार्टी के नेताओं ने कार्यक्रम स्थगित करने के पीछे किसानों की परेशानियों को भी महत्वपूर्ण वजह बताया है।लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।पूर्वांचल में इस समय धान की फसल की कटाई का दौर चल रहा है। ऐसे समय पर बेमौसम बारिश से किसानों को परेशानी हो सकती है।खेतों में खड़ी फसल गिरने, कटी हुई उपज भीगने और अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है।सपा नेताओं का कहना है कि किसानों की इन परेशानियों को देखते हुए जनसभा आयोजित करना उचित नहीं होगा।हालांकि, बारिश से वास्तविक कृषि नुकसान का पूरा आंकड़ा संबंधित विभागों के सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक लाख लोगों को जुटाने की थी तैयारी
अखिलेश यादव की प्रस्तावित जनसभा को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम माना जा रहा था।पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा था।इसके लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।पार्टी नेताओं ने बूथ, सेक्टर और विधानसभा स्तर पर बैठकों का आयोजन किया था।कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आसपास के जिलों में भी तैयारियां की जा रही थीं।वाराणसी के अलावा गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही और अन्य जिलों से कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना थी।हालांकि, एक लाख लोगों की संख्या पार्टी का लक्ष्य थी, न कि किसी आयोजन में दर्ज वास्तविक उपस्थिति।
हेलीपैड और पार्किंग स्थल का किया गया था निरीक्षण
जनसभा से पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण भी किया था।26 अक्टूबर को चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल और अन्य पदाधिकारी संजोई गांव पहुंचे थे।इस दौरान उन्होंने संभावित हेलीपैड, पार्किंग स्थल और जनसभा मैदान की व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी।पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत भी की थी।कार्यक्रम स्थल पर वाहनों के आवागमन और बड़ी संख्या में लोगों के बैठने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई थी।
लेकिन लगातार बारिश के कारण तैयारियां प्रभावित हो गईं।
जलभराव और कीचड़ की स्थिति में वाहनों तथा लोगों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो सकती थी।पटेल जयंती पर होने वाला था राजनीतिक शक्ति प्रदर्शनसमाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव की जनसभा के लिए 31 अक्टूबर की तारीख चुनी थी।इस दिन देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई जाती है।पार्टी ने इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र करके सामाजिक एकता और अपने राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी की थी।अखिलेश यादव के संबोधन में प्रदेश की राजनीति, किसानों की समस्याओं, रोजगार और आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े विषयों के उठने की संभावना थी।राजनीतिक दृष्टिकोण से वाराणसी और आसपास का पूर्वांचल क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जाता है।इसी कारण इस जनसभा को सपा की चुनावी तैयारियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा था।
विधानसभा चुनाव से पहले सपा की तैयारियों को झटका
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रमुख राजनीतिक दलों ने संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने की गतिविधियां तेज कर दी हैं।समाजवादी पार्टी भी विभिन्न क्षेत्रों में बैठकों और जनसभाओं के जरिए अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।वाराणसी की प्रस्तावित जनसभा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा था।पार्टी की योजना थी कि इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव के संबोधन के जरिए पूर्वांचल के कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जाए।हालांकि, खराब मौसम के कारण कार्यक्रम स्थगित होने से संगठन को अपनी तैयारियों का कार्यक्रम बदलना पड़ा है।पार्टी के लिए अब अगली तारीख तय करना और कार्यकर्ताओं को नए कार्यक्रम की जानकारी देना महत्वपूर्ण होगा।
नई तारीख को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं
जनसभा रद्द होने के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच कार्यक्रम की नई तारीख को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।सपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मौसम की स्थिति सुधरने का इंतजार किया जाएगा।जब बारिश थमेगी और जनसभा स्थल की स्थिति अनुकूल होगी, तब कार्यक्रम के आयोजन पर दोबारा विचार किया जा सकता है।हालांकि, नई तारीख और स्थान को लेकर अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है।कार्यकर्ताओं से पार्टी के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार आगे की तैयारी करने की अपेक्षा की जा रही है।फिलहाल 31 अक्टूबर की प्रस्तावित जनसभा आयोजित नहीं होगी।
खराब मौसम ने बदला राजनीतिक कार्यक्रम
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में बारिश के कारण सामान्य जनजीवन और कृषि कार्य प्रभावित हुए हैं।ऐसे में बड़ी जनसभाओं का आयोजन सुरक्षा और व्यवस्थाओं की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।सपा नेताओं ने कार्यक्रम स्थगित करने के फैसले को मौसम और किसानों की स्थिति से जुड़ा बताया है।फिलहाल पार्टी का ध्यान मौसम सामान्य होने के बाद नई योजना बनाने पर रहेगा।