दीपोत्सव से पहले श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, 6 घंटे में पूरी होगी अयोध्या की धार्मिक यात्रा
अयोध्या : 30 अक्टूबर 2026। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियों के बीच श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) ने एक विशेष धार्मिक पर्यटन पैकेज 'अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल' की शुरुआत करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत श्रद्धालु महज छह घंटे में अयोध्या के प्रमुख मंदिरों, ऐतिहासिक घाटों और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। यह विशेष यात्रा 1 नवंबर 2026 से शुरू होगी।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस विशेष टूर पैकेज में श्रद्धालुओं को प्रशिक्षित स्थानीय गाइड के साथ अयोध्या के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मंदिरों और घाटों के धार्मिक महत्व के साथ उनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताओं तथा ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।यूपीएसटीडीसी ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रतिदिन दो बैच संचालित करने का निर्णय लिया है। पहला बैच सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरा बैच दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगा। दोनों बैच में यात्रियों को छह घंटे की धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। इससे पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार समय चुन सकेंगे।
इस विशेष यात्रा की शुरुआत अयोध्या के प्रसिद्ध लता मंगेशकर चौक से होगी। यहां से पर्यटकों को सबसे पहले रामायण वैक्स म्यूजियम ले जाया जाएगा। संग्रहालय में भगवान श्रीराम, माता सीता और रामायण से जुड़े अन्य पात्रों की मोम से बनी प्रतिमाएं देखने को मिलेंगी। इन प्रतिमाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को रामायण के विभिन्न प्रसंगों और पात्रों से परिचित कराया जाएगा।इसके बाद श्रद्धालुओं को सूर्य कुंड, गिरिजा कुंड और पंचमुखी महादेव मंदिर ले जाया जाएगा। इन स्थलों का अयोध्या की धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान है। स्थानीय गाइड यात्रियों को इन स्थानों के इतिहास और धार्मिक मान्यताओं के बारे में जानकारी देंगे।
इस यात्रा में गुप्तार घाट, झुनकी घाट, लक्ष्मण किला और शेषावतार मंदिर को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त श्रद्धालु स्वर्गद्वार, राम की पैड़ी और नागेश्वरनाथ मंदिर के दर्शन कर सकेंगे। इन स्थानों के माध्यम से पर्यटकों को अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।यात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा सरयू नदी की आरती होगी। भ्रमण के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं को सरयू तट पर ले जाया जाएगा, जहां वे आरती में शामिल हो सकेंगे। इसके बाद पर्यटकों को वापस लता मंगेशकर चौक पहुंचाया जाएगा और छह घंटे की यात्रा समाप्त होगी।उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं में 14 कोसी परिक्रमा का विशेष महत्व है। देशभर से आने वाले श्रद्धालु आस्था और भक्ति के साथ इस परिक्रमा में भाग लेते हैं। सरकार का प्रयास है कि अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से अधिक से अधिक लोगों को परिचित कराया जाए।
पर्यटन मंत्री के अनुसार, अयोध्या डिवाइन हेरिटेज ट्रेल जैसे कार्यक्रमों से रामायण सर्किट में अयोध्या की पहचान और मजबूत होगी। साथ ही पर्यटकों को व्यवस्थित तरीके से प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने की सुविधा मिल सकेगी।इस विशेष पैकेज के अंतर्गत सभी प्रमुख स्थलों तक आने-जाने के लिए वातानुकूलित वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा के दौरान स्थानीय टूर गाइड या कोऑर्डिनेटर भी साथ रहेगा। इससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए बार-बार वाहनों की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, इस पैकेज में होटल में ठहरने और भोजन की सुविधा शामिल नहीं है।यूपीएसटीडीसी के अध्यक्ष अमृत अभिजात ने बताया कि इस टूर पैकेज को विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालु एक ही दिन में अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों का सुविधाजनक भ्रमण कर सकें। यह व्यवस्था वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए भी उपयोगी हो सकती है, जिन्हें लंबी दूरी की धार्मिक यात्राओं में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
अयोध्या आने वाले श्रद्धालु इस विशेष टूर पैकेज की ऑनलाइन बुकिंग यूपीएसटीडीसी की आधिकारिक वेबसाइट [upstdc.co.in](https://upstdc.co.in?utm_source=chatgpt.com) के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पर्यटक 8130966118 नंबर पर संपर्क करके बुकिंग और यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यात्रा का किराया और सीटों की उपलब्धता बुकिंग के समय जांची जा सकती है।अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव का दसवां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पर्यटन विभाग का मानना है कि नई हेरिटेज ट्रेल से श्रद्धालुओं को प्रसिद्ध मंदिरों के अलावा अन्य ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
इस पहल से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय गाइड, परिवहन व्यवसायियों, दुकानदारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।हालांकि, इस यात्रा को पारंपरिक 14 कोसी परिक्रमा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यह परिक्रमा मार्ग से जुड़े चुनिंदा स्थलों का छह घंटे का गाइडेड भ्रमण है।फिलहाल पर्यटन विभाग ने 1 नवंबर से यात्रा संचालित करने की तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया है। दीपोत्सव से पहले शुरू होने वाली यह विशेष सेवा अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को जानने का नया विकल्प उपलब्ध कराएगी।