गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया है। पिपराइच रोड पर तुर्रा नाला के पास ट्रॉली पर रखा डीजे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। इस हादसे में एक कांवड़िये की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। करंट उतरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल कांवड़िये को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई। कुछ देर के लिए यात्रा मार्ग पर अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
डीजे पर नाचते हुए जा रहे थे कांवड़िये
जानकारी के अनुसार, यह हादसा जंगल अहमद अली शाह उर्फ तुर्रा क्षेत्र के पिपराइच मुख्य मार्ग पर हुआ। कांवड़िये डीजे की धुन पर नाचते हुए पिपराइच की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ट्रॉली पर रखा ऊंचा डीजे ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रॉली पर डीजे काफी ऊंचाई पर रखा हुआ था। इसके अलावा डीजे की चौड़ाई भी अधिक थी। सड़क से गुजरते समय उसका ऊपरी हिस्सा बिजली के तार के करीब पहुंच गया और अचानक उसमें करंट उतर गया।
हाईटेंशन तार के संपर्क में आते ही डीजे ट्रॉली पर मौजूद लोगों में करंट फैल गया। इससे दो कांवड़िये इसकी चपेट में आ गए।
मौके पर मची चीख-पुकार
हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। करंट लगते ही कांवड़ियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।
लोगों ने बिजली विभाग को सूचना देने के साथ ही घायलों को बचाने का प्रयास किया। करंट की चपेट में आए दोनों कांवड़ियों को तत्काल अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
हालांकि, एक कांवड़िये की हालत बेहद गंभीर थी और उसकी मौत हो गई। दूसरे घायल कांवड़िये को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी ली।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डीजे ट्रॉली की ऊंचाई कितनी थी और क्या यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। इसके अलावा बिजली के तारों की स्थिति और मार्ग की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
हादसे के बाद पुलिस ने यात्रा व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा शुरू कर दी है।
हाईटेंशन तारों के संपर्क से बढ़ा खतरा
बिजली के हाईटेंशन तारों के संपर्क में आने से होने वाले हादसे अक्सर बेहद गंभीर होते हैं। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े आकार के डीजे, झंडे, लोहे के पाइप या ऊंचे वाहन लेकर बिजली लाइनों के नीचे से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में मार्ग पर मौजूद बिजली लाइनों और अन्य खतरों को पहले से चिन्हित करना जरूरी होता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रा मार्ग पर ऊंचे डीजे और बड़े वाहनों के संचालन को लेकर पहले भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती रही है।
प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि यात्रा मार्गों का निरीक्षण किया जाए और ऐसे स्थानों की पहचान की जाए, जहां बिजली तार या अन्य बाधाएं मौजूद हों।
विशेष रूप से हाईटेंशन लाइन वाले क्षेत्रों से गुजरने वाली धार्मिक यात्राओं में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है।
कांवड़ियों में शोक का माहौल
हादसे में एक कांवड़िये की मौत के बाद यात्रा में शामिल लोगों में शोक का माहौल है। साथी कांवड़िये घटना से दुखी हैं। जिस यात्रा में श्रद्धा और उत्साह के साथ लोग शामिल हुए थे, वहां अचानक हुए हादसे ने माहौल को गमगीन कर दिया।
मृतक के परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। परिजनों में मातम छा गया है।
घायल का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल हुए दूसरे कांवड़िये का इलाज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
परिजनों और साथियों को उम्मीद है कि घायल जल्द स्वस्थ होगा। प्रशासन की ओर से भी घायल के इलाज की जानकारी ली जा रही है।
प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने धार्मिक यात्राओं में शामिल लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर डीजे, वाहन और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा गया है।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं को मार्ग की परिस्थितियों का ध्यान रखना जरूरी है।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
यह भी जांच की जाएगी कि डीजे ट्रॉली की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
गोरखपुर के पिपराइच रोड पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सावधानी की जरूरत को सामने लाता है। धार्मिक आयोजनों में उत्साह के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।