ट्रैक पर मिला लोहे का टुकड़ा, बड़ा हादसा टला

Update: 2026-07-24 15:50 GMT

गाजियाबाद। जिले में रेलवे ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखकर ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। लोको पायलट की सतर्कता और समय रहते लिए गए फैसले से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना के बाद रेलवे और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है।

यह घटना मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे लोको पायलट उमेश कुमार ट्रेन लेकर डाउन लाइन से गुजर रहे थे। इसी दौरान गुलधर रेलवे स्टेशन के पास किलोमीटर संख्या 29/02 के नजदीक उनकी नजर रेलवे ट्रैक पर रखे लोहे के एक बड़े टुकड़े पर पड़ी।

ट्रैक पर संदिग्ध वस्तु देखकर लोको पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाई। उन्होंने बिना देरी किए वॉकी-टॉकी के माध्यम से रेलवे कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। समय रहते ट्रेन रुक जाने से किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।

ट्रेन रुकने के बाद रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। प्वाइंट्समैन और आरपीएफ जवानों ने ट्रैक की जांच की और वहां रखे लोहे के टुकड़े को हटाया। इसके बाद रेलवे लाइन को सुरक्षित घोषित किया गया और ट्रेन को आगे रवाना किया गया।

रेलवे अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर रेलवे ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखा हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है।

रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर आसपास के क्षेत्र में जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और संदिग्ध लोगों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही रेलवे सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर (पथ)-द्वितीय अमित मेहरा की शिकायत पर मधुबन बापूधाम थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपित के खिलाफ रेलवे ट्रैक पर बाधा उत्पन्न करने और रेल संचालन को खतरे में डालने जैसी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रैक पर किसी भी तरह की छेड़छाड़ गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध वस्तुएं मिलने की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। गाजियाबाद की इस घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

लोको पायलट उमेश कुमार की सूझबूझ और त्वरित निर्णय की वजह से संभावित दुर्घटना को टाला जा सका। अब पुलिस और रेलवे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस घटना के पीछे कौन लोग शामिल थे और उनका उद्देश्य क्या था।

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