कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां सेवरही नगर पंचायत के संतपट्टी मोहल्ले में रविवार को तालाब में डूबने से एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। दोनों बच्चियां अन्य बच्चों के साथ तालाब के पास खेल रही थीं। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चली गईं। हादसे के बाद साथ खेल रहे एक छोटे बच्चे ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तथा दोनों बच्चियों को तालाब से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेवरही ले गए। हालांकि, वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो मासूम बच्चियों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रविवार को सेवरही नगर पंचायत के संतपट्टी मोहल्ले में हुई। दोनों बच्चियां अपने घर के आसपास रहने वाले अन्य बच्चों के साथ खेल रही थीं। खेलते-खेलते सभी बच्चे तालाब के किनारे पहुंच गए। इसी दौरान दोनों बच्चियों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में जा गिरीं। पानी की गहराई अधिक होने के कारण दोनों खुद को संभाल नहीं सकीं। देखते ही देखते वे पानी में डूब गईं। अचानक हुई इस घटना से उनके साथ खेल रहे बच्चे घबरा गए।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय मौजूद एक छोटे बच्चे ने तत्काल घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। बच्चियों के तालाब में गिरने की सूचना मिलते ही परिवार के लोग घबराकर मौके की ओर दौड़े। आसपास के लोग भी मदद के लिए पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को तालाब से बाहर निकाला गया।

परिजनों को उम्मीद थी कि समय रहते अस्पताल पहुंचाने से बच्चियों की जान बचाई जा सकेगी। इसी उम्मीद के साथ दोनों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेवरही ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बच्चियों की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

एक ही परिवार की दो बच्चियों की अचानक मौत से घर में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चों की हंसी और खेलकूद की आवाजें सुनाई दे रही थीं, वहां अब सन्नाटा और शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मोहल्ले के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। स्थानीय लोगों के लिए भी यह हादसा बेहद दुखद रहा।

इस घटना ने एक बार फिर तालाबों और अन्य खुले जलस्रोतों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में कई स्थानों पर तालाब आबादी के बेहद करीब स्थित हैं। ऐसे में बच्चे अक्सर खेलते हुए इन जलस्रोतों के किनारे पहुंच जाते हैं। कई बार पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों को तालाब, नहर, कुएं और अन्य गहरे जलस्रोतों के आसपास अकेले नहीं जाने देना चाहिए। विशेष रूप से उन स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, जहां तालाब के किनारे फिसलन भरे हों या पानी अचानक गहरा हो जाता हो। बच्चों को कम उम्र से ही पानी के आसपास सुरक्षित व्यवहार के बारे में जानकारी देना भी आवश्यक है।

स्थानीय निकायों और संबंधित प्रशासनिक विभागों के लिए भी ऐसी घटनाएं सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित गहरे तालाबों के आसपास चेतावनी बोर्ड, सुरक्षित घेराबंदी और अन्य आवश्यक इंतजाम दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मददगार हो सकते हैं। विशेष रूप से उन स्थानों की पहचान करना जरूरी है, जहां बच्चे नियमित रूप से खेलने जाते हैं।

तालाब में किसी के डूबने की स्थिति में तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाना और सुरक्षित तरीके से बचाव करना आवश्यक है। बिना प्रशिक्षण के गहरे पानी में कूदना बचाव करने वाले व्यक्ति के लिए भी खतरनाक हो सकता है। पानी से निकाले गए व्यक्ति की सांस नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तत्काल सीपीआर देना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है।

कुशीनगर के संतपट्टी मोहल्ले में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को दुखी कर दिया है। दो मासूम बच्चियों की असमय मौत ने परिवार से उसकी खुशियां छीन लीं। इस हादसे से यह संदेश भी सामने आया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवार और समाज दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। खासकर खुले तालाबों और गहरे पानी वाले स्थानों के आसपास सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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