आजमगढ़: उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर ठग गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पकड़े गए आरोपी पर पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में धर्म-कर्म, पूजा-पाठ और महिलाओं के आभूषण साफ करने का झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से अधेड़ और बुजुर्ग महिलाएं होती थीं, जिनसे यह सोने-चांदी के गहने और नकदी उड़ा लिया करते थे।
रोडवेज बस अड्डे के पास से हुई गिरफ्तारी
पुलिस को यह सफलता मुखबिर से मिली एक सटीक सूचना के आधार पर मिली। कोतवाली पुलिस टीम को जानकारी मिली थी कि 25 हजार का इनामी बदमाश शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या यहां से भागने की फिराक में है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सोमवार को रोडवेज प्राइवेट बस अड्डे के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर एक संदिग्ध व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर निवासी हुसैनू (45 वर्ष) पुत्र नजरूद्दीन के रूप में हुई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह काफी समय से वांछित चल रहा था और पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी।
केमिकल की शीशी और नग बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी की अमली जामा तलाशी ली, तो उसके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ। पुलिस ने हुसैनू के कब्जे से 400 रुपये की नकदी, आभूषणों को चमकाने और साफ करने वाले खतरनाक केमिकल से भरी एक प्लास्टिक की शीशी और 10 अलग-अलग रंगों के नग (कीमती दिखने वाले पत्थर) बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन पत्थरों और केमिकल का उपयोग आरोपी महिलाओं को सम्मोहन जैसी स्थिति में लाने और उन्हें चमत्कारों का झांसा देने के लिए करता था।
बुजुर्ग महिलाओं को झांसा देने का शातिराना तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपी हुसैनू ने अपने गिरोह के काम करने के तौर-तरीकों का खुलासा किया है। यह अंतरराज्यीय गिरोह अलग-अलग शहरों में घूम-घूमकर ऐसे रिहायशी इलाकों की रेकी करता था, जहां बुजुर्ग या अधेड़ महिलाएं घरों में अकेली होती थीं। गिरोह के सदस्य साधु-संत या ज्योतिषी का भेष धरकर महिलाओं के पास पहुंचते थे। वे महिलाओं को उनके परिवार पर भारी संकट या ग्रहदोष होने का डर दिखाते थे। ग्रहदोष निवारण और सुख-शांति के नाम पर वे महिलाओं से उनके पहने हुए सोने-चांदी के आभूषणों को उतारकर पूजा में रखने या उन्हें विशेष केमिकल से साफ कर दुगना चमकाने का लालच देते थे। जैसे ही महिलाएं इनके झांसे में आकर आभूषण इन्हें सौंपती थीं, ये गिरोह पलक झपकते ही असली गहनों को नकली से बदल देते थे या फिर मौका पाकर गहने और नकदी समेटकर रफूचक्कर हो जाते थे। चूंकि पीड़ित महिलाएं बुजुर्ग होती थीं, इसलिए वे तुरंत इनका विरोध भी नहीं कर पाती थीं।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच
आजमगढ़ पुलिस प्रशासन ने इस कामयाबी को बड़ी उपलब्धि बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और अन्य पड़ोसी राज्यों में भी ठगी की कई वारदातों को अंजाम दिया है। हुसैनू की गिरफ्तारी से इस गिरोह के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है। पुलिस अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उन्होंने आजमगढ़ व आसपास के जिलों में अब तक कितनी महिलाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। स्थानीय पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं जो आभूषण साफ करने या तंत्र-मंत्र का दावा करता हो।