भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गेराई के पास सड़क किनारे खराब होने के कारण खड़े कंटेनर में पीछे से आ रहा ऑक्सीजन टैंकर जोरदार तरीके से टकरा गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा चालक टैंकर के केबिन में बुरी तरह फंस गया। उसे बाहर निकालने के लिए पुलिस और राहत दल को करीब तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात भी प्रभावित रहा।
रात करीब 11:30 बजे हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना शनिवार 31 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे हुई। प्रयागराज से वाराणसी की ओर जा रहा एक कंटेनर भदोही जिले के गेराई इलाके के पास राष्ट्रीय राजमार्ग की उत्तरी लेन पर खराब हो गया था। इसके बाद चालक ने कंटेनर को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और वाहन में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने में जुट गया।
इसी दौरान पीछे से आ रहा ऑक्सीजन टैंकर अचानक कंटेनर से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में कंटेनर चालक इसकी चपेट में आ गया। वहीं, टैंकर का चालक बुरी तरह क्षतिग्रस्त केबिन के अंदर फंस गया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी।
एक चालक की मौके पर मौत, दूसरा केबिन में फंसा
दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कंटेनर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि मरम्मत के दौरान वह वाहन के पास मौजूद था और टक्कर के बाद कंटेनर की चपेट में आ गया।
दूसरी ओर, ऑक्सीजन टैंकर का अगला हिस्सा बुरी तरह दब गया था। चालक केबिन के अंदर फंस गया और उसे बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। इसके बाद क्षतिग्रस्त वाहनों के बीच फंसे चालक को निकालने का अभियान शुरू किया गया।
वाहनों की स्थिति इतनी खराब थी कि सामान्य तरीके से चालक को बाहर निकालना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में क्रेन और अन्य संसाधनों की मदद ली गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने चालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी भी मौत हो चुकी थी।
पुलिस और NHAI की टीम ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम को भी बुलाया गया। राहत दल ने क्रेन की मदद से दोनों वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की।
दोनों चालकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, देर रात तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी शिनाख्त कराने में जुटी रही। कंटेनर के पास एक ड्राइविंग लाइसेंस मिलने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी मदद से पहचान संबंधी तथ्यों की जांच की जा रही है।
डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा यातायात
इस भीषण टक्कर के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-19 की उत्तरी लेन पर यातायात प्रभावित हो गया। दुर्घटनाग्रस्त कंटेनर और टैंकर सड़क पर मौजूद होने के कारण वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पर आवागमन बाधित रहा।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और वाहनों को सर्विस लेन के जरिए आगे निकलवाने की व्यवस्था की। इसके बाद NHAI की क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया। काफी मशक्कत के बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।
हादसे के दौरान मार्ग से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रात के समय अचानक हुई इस दुर्घटना से हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी।
सड़क पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर खराब होने के बाद सड़क किनारे खड़े किए जाने वाले भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे पर किसी वाहन के खराब होने की स्थिति में उसके पीछे पर्याप्त दूरी पर चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और बैरिकेड लगाना बेहद जरूरी होता है, ताकि पीछे से आने वाले वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें।
खासकर रात के समय कम दृश्यता के कारण सड़क किनारे खड़े भारी वाहन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन सकते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने के साथ ही खराब वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे खराब खड़े कंटेनर और पीछे से आए ऑक्सीजन टैंकर की टक्कर इस दुर्घटना की वजह बनी। दोनों चालकों की मौत के बाद उनके परिजनों की पहचान और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने की कार्रवाई जारी है।
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