लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएच.डी पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी दाखिले की तैयारी पूरी कर ली है और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 जुलाई से शुरू होने जा रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य राज कुमार मित्तल ने प्रवेश प्रक्रिया के प्रस्ताव पर अपनी औपचारिक सहमति प्रदान कर दी है, जिसके बाद अब जल्द ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस बार कुल 33 विभिन्न विषयों में पीएचडी की 344 सीटों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश का अवसर मिलेगा। एडमिशन कमेटी के चेयरपर्सन प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि कुल सीटों में से लखनऊ स्थित मुख्य परिसर के लिए 318 सीटें निर्धारित की गई हैं, जबकि अमेठी स्थित सेटेलाइट सेंटर के लिए करीब 26 सीटें आवंटित की गई हैं। विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा और शोध के लिए अभ्यर्थियों के पास यह एक बेहतरीन मौका होगा।
प्रवेश परीक्षा और आवेदन शुल्क से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट कर दिया गया है। पीएचडी में आवेदन करने के लिए सामान्य (General), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों को 1000 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PWD) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 750 रुपये तय किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी बिना किसी विलंब शुल्क के 12 अगस्त तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद भी जो अभ्यर्थी समय पर फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उन्हें 18 अगस्त तक 1500 रुपये विलंब शुल्क (Late Fee) के साथ आवेदन करने की छूट दी जाएगी।
दाखिले की प्रक्रिया को लेकर प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि इंजीनियरिंग, फार्मेसी सहित कुछ विशिष्ट व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होंगे। वहीं, अन्य शेष पारंपरिक विषयों में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की मेरिट के आधार पर सीधे प्रवेश दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर पीएचडी प्रवेश से संबंधित विस्तृत गाइडलाइन और विषयवार सीटों का विवरण अपलोड करेगा, ताकि अभ्यर्थियों को आवेदन करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।