संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद एक नया विवाद सामने आया है। ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माडली समसपुर गांव की 120 साल पुरानी एक मस्जिद में धुना समाज के परिवारों को नमाज पढ़ने से रोकने और उनका सामाजिक बहिष्कार करने का मामला तूल पकड़ गया है। इस संबंध में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। यह घटना मुख्यमंत्री के उस बयान के ठीक सात दिन बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने संभल दौरे के दौरान तुर्क समाज को लेकर एक तीखी टिप्पणी की थी।

मामले की पृष्ठभूमि और मुख्य विवाद

पीड़ित पक्ष के वसीम द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, वह देवबंदी मसलक से ताल्लुक रखते हैं और धुना समाज से हैं। गांव में धुना समाज के केवल पांच-छह परिवार ही निवास करते हैं, जबकि बहुसंख्यक आबादी तुर्क समाज की है। गांव की करीब 120 साल पुरानी बड़ी मस्जिद में वर्षों से देवबंदी और बरेलवी मसलक के लोग मिलजुलकर शांतिपूर्वक नमाज अदा करते आ रहे थे।

हालांकि, पिछले कुछ समय से बरेलवी मसलक से जुड़े तुर्क समाज के लोगों द्वारा कथित तौर पर नई परंपरा थोपने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि तुर्क समाज के लोग धुना समाज के लोगों को उनकी पुरानी परंपरा के अनुसार नमाज अदा करने से रोक रहे हैं और उन पर अपने तरीके से धार्मिक गतिविधियां संचालित करने का दबाव बना रहे हैं। विवाद की एक मुख्य वजह यह भी बताई जा रही है कि धुना समाज पारंपरिक रूप से पांच वक्त की नमाज अदा करता है, जबकि तुर्क पक्ष द्वारा दिन में छह बार नमाज पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा है।

तीन जुलाई की घटना और धमकियां

पीड़ित ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि यह विवाद मूल रूप से करीब ढाई साल पुराना है। उस समय स्थानीय थानाध्यक्ष की मध्यस्थता और मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था, जिसके बाद कुछ महीनों तक सब कुछ ठीकठाक चलता रहा।

लेकिन गत तीन जुलाई को स्थिति फिर बिगड़ गई। आरोप है कि आरोपितों ने पीड़ित को मस्जिद में नमाज पढ़ने से साफ मना कर दिया और धमकी दी कि न तो वह और न ही उनके समाज का कोई अन्य व्यक्ति यहां नमाज पढ़ेगा। इसके बाद आरोपितों ने पीड़ित परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का कहना है कि लगातार हो रहे इस उत्पीड़न और दबाव के कारण उनके समाज के परिवार अब गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक कदम

वसीम की तहरीर के आधार पर ऐंचोड़ा कंबोह थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिकी में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद के साथ-साथ शाने आलम, आमिर, भोलू और हाफिज मारूफ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के बयान के महज एक सप्ताह के भीतर इस प्रकार का विवाद सामने आने से पूरे इलाके में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी बढ़ गई है। संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी सतर्क है।

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