विधानसभा सत्र से पहले सपा की रणनीति तैयार

Update: 2026-08-02 08:58 GMT

उत्तर प्रदेश  :  विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र शुरू होने से पहले प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि सपा के सभी विधायक सदन में जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बंदी, शिक्षकों के रिक्त पद, पेपर लीक, आरक्षण, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं जैसे विषय इस बार विपक्ष के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है और सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि सरकारी विद्यालयों को मजबूत करने के बजाय उन्हें बंद करने की नीति अपनाई जा रही है, जिसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों पर पड़ रहा है।

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि योगी सरकार के पिछले दस वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश के 26,386 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के बंद होने से लगभग 28 लाख बच्चों का नामांकन कम हुआ है। उनके अनुसार, इनमें अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के करीब 25 लाख बच्चे शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक नुकसान सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को उठाना पड़ रहा है।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लगभग 1.17 करोड़ छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते थे, लेकिन अब यह संख्या काफी घट गई है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति का संकेत बताते हुए कहा कि सरकार को सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने, आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने और शिक्षकों की नियुक्ति करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका आरोप था कि शिक्षकों के हजारों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है।

उन्होंने प्रदेश में बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उनके अनुसार, युवाओं का सरकार पर से भरोसा लगातार कम होता जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था, आरक्षण और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा उन्होंने आरक्षण से जुड़े मामलों पर भी सरकार से जवाब मांगा और कहा कि सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र में पार्टी के सभी विधायक पूरी तैयारी के साथ हिस्सा लेंगे और जनता से जुड़े हर मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य सरकार को जवाबदेह बनाना और प्रदेश के लोगों की समस्याओं को विधानसभा के माध्यम से सामने लाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों पर गंभीरता से जवाब देगी।

विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सरकार अपने कार्यों और योजनाओं का पक्ष रखेगी, वहीं विपक्ष शिक्षा, रोजगार, कानून-व्यवस्था और जनहित के अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ मैदान में उतरेगा। ऐसे में सदन के भीतर इन मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर प्रदेश की जनता की भी नजर बनी रहेगी।

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