Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले करीब दस दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, गोंडा, अयोध्या, वाराणसी और सोनभद्र समेत कई जिलों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशानी देखने को मिल रही है। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई जिलों में प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं।
मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ समय तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इनमें से 10 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बिना जरूरी काम के जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
वाराणसी और अयोध्या जैसे धार्मिक शहरों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, सोनभद्र में पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण नालों और छोटी नदियों का प्रवाह तेज हो गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और बचाव दलों की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना भी तैयार की गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में नदियों के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। लगातार बारिश के बीच प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटना बनी हुई है।