देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार, 22 अक्टूबर को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में 26 प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक या पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देना है। इसके साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
पदक विजेता खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के उन खिलाड़ियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है, जिन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार हासिल किए हैं। ऐसे खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी।
इस निर्णय से विशेष रूप से उन खिलाड़ियों को फायदा होने की उम्मीद है, जिन्हें अभ्यास, प्रशिक्षण शिविरों और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए नियमित रूप से यात्रा करनी पड़ती है।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले खिलाड़ियों को कई बार प्रशिक्षण के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। ऐसे में परिवहन पर होने वाला खर्च उनके परिवारों के लिए आर्थिक चुनौती बन सकता है।
सरकार का यह कदम खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ उनके आर्थिक बोझ को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, मुफ्त यात्रा के लिए पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और सुविधा लागू होने की प्रक्रिया संबंधित विभाग की विस्तृत अधिसूचना से स्पष्ट होगी।
हर जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षकों की होगी नियुक्ति
कैबिनेट बैठक में राज्य में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
एक जिला, एक खेल योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। कुल 14 मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इनमें 13 जिलों के लिए एक-एक प्रशिक्षक और एक प्रशिक्षक खेल निदेशालय में तैनात किया जाएगा।
इन प्रशिक्षकों की नियुक्ति तीन वर्ष के अनुबंध पर होगी। इसके लिए भारतीय खेल प्राधिकरण के मानकों के अनुसार योग्यता और अनुभव निर्धारित किए जाएंगे। चयनित प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 1.45 लाख रुपये का निश्चित मानदेय दिया जाएगा।
दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में राहत
धामी मंत्रिमंडल ने शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत की छूट प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
दिव्यांग विद्यार्थियों को कई बार पढ़ाई और परीक्षाओं के दौरान अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में परीक्षा संबंधी मानकों में राहत मिलने से उन्हें शैक्षणिक प्रगति जारी रखने में मदद मिल सकती है।
इस फैसले को राज्य सरकार की समावेशी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग का दायरा बढ़ा
राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए पारिवारिक आय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है।
पहले इस सुविधा के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस बदलाव से अधिक संख्या में पात्र विद्यार्थी सरकारी सहायता से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को इस निर्णय से लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और विभिन्न विभागीय योजनाओं के लिए लगभग 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दी गई।
यह बजट आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाना है। इसके माध्यम से विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रस्ताव है।
सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यटन और अन्य विकास कार्यों से जुड़े निर्णयों पर भी विचार किया।
अनुपूरक बजट के जरिए सरकार पहले से संचालित योजनाओं के साथ नई प्राथमिकताओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध करा सकेगी।
हरिद्वार में दो निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी
उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में भी धामी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
कैबिनेट ने हरिद्वार जिले में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी है।
इन संस्थानों की स्थापना से राज्य में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
इसके अलावा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे में पुनर्गठन का निर्णय भी लिया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट बैठक में निराश्रित और एकल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को भी मंजूरी दी गई।
इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता और बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
सरकार के इस फैसले को महिलाओं के कल्याण तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीयकृत रसोई स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नया निगम
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन का निर्णय भी लिया है।
इस निगम के माध्यम से साहसिक पर्यटन गतिविधियों के नियोजित, सुरक्षित और टिकाऊ विकास पर जोर दिया जाएगा।
उत्तराखंड में पर्वतीय पर्यटन, ट्रेकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में यह निर्णय पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने में सहायक हो सकता है।
युवाओं और खिलाड़ियों के लिए अहम साबित हो सकते हैं फैसले
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खेल, शिक्षा, महिला कल्याण और पर्यटन से जुड़े कई निर्णय लिए गए हैं।
इनमें खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान मिलने के साथ उनके यात्रा खर्च में भी राहत मिलेगी।
वहीं प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिलने की संभावना है।
फिलहाल इन फैसलों के क्रियान्वयन से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने बाकी हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद संबंधित विभागों को निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
सरकार के इन निर्णयों से आने वाले समय में राज्य के खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और जरूरतमंद वर्गों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।