Uttar Pradesh. उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अक्टूबर के अंतिम दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 से 30 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम खराब होने की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से पूर्वांचल के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, प्रदेश के 60 जिलों में एक साथ अलर्ट और सभी क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ सकता है।

28 से 30 अक्टूबर तक बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुधवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी यूपी में भी इन दोनों दिनों के दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।

वाराणसी से सोनभद्र तक बारिश की संभावना
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सोनभद्र, प्रयागराज, चित्रकूट, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर और देवरिया में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार कहीं-कहीं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।


बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान वज्रपात का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेष रूप से खुले मैदान, खेत और पेड़ों के आसपास मौजूद लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए तेज आंधी या बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित भवन में शरण लेना बेहतर है। बारिश के दौरान बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

किसानों की बढ़ सकती है परेशानी
बेमौसम बारिश और संभावित तेज हवाओं से किसानों की चिंता बढ़ सकती है। विशेष रूप से जिन क्षेत्रों में धान की कटाई चल रही है या फसल तैयार खड़ी है, वहां बारिश परेशानी का कारण बन सकती है। खुले स्थानों पर रखी कृषि उपज भीगने और खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर कटाई तथा अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाएं।

तापमान में गिरावट से बढ़ सकता है ठंड का असर
बारिश और बादलों के कारण कुछ क्षेत्रों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। इससे मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो सकता है। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट आएगी, यह स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम संबंधी चेतावनियों में कमी आने की संभावना है।
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