Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की मार पांच साल में 24715 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचा चुकी है। वर्ष 2023 की विनाशकारी आपदा के बाद इस साल भी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने प्रदेश को 3231 करोड़ रुपए के जख्म दिए हैं। सभी संबंधित विभागों की रिपोर्ट मिलने और आंकड़ों की समीक्षा के बाद नुकसान की अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं ने 385 लोगों की जान ले ली, जबकि 648 लोग घायल हुए। प्रदेश में 690 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें 153 पूरी
तरह
ढह गए। इनमें 46 पक्के और 107 कच्चे मकान शामिल हैं। वहीं, 537 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा, जिनमें 164 पक्के और 373 कच्चे मकान हैं। पिछले पांच वर्षों में वर्ष 2023 में मानसून से 11038 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वर्ष 2025 में 6122 करोड़, 2022 में 2781 करोड़ और 2024 में 1543 करोड़ रुपए की क्षति दर्ज की गई।

इस साल अब तक नुकसान का आकलन 3231 करोड़ रुपए है। इस तरह पांच वर्षों का कुल नुकसान 24715 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस मानसून में प्रदेश में 652.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 734.4 मिलीमीटर है। यानी बारिश सामान्य से 11 फीसदी कम रही। जून में सामान्य से 36 फीसदी कम वर्षा हुई, जबकि जुलाई में छह फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। अगस्त में बारिश सामान्य से 17 फीसदी और सितंबर में 14 फीसदी कम रही। प्रदेश में बारिश का वितरण भी असमान रहा। इसके उलट 2025 में 1,022.5 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 39 फीसदी अधिक थी। वर्ष 2023 में 886 मिलीमीटर, 2022 में 716.2 मिलीमीटर और 2024 में 600.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा की फाइनल रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द केंद्र को भेजा जाएगा।
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