लापता गर्भवती युवती का शव पड़ोसी राज्य में दफन मिला, कार और खुदाई के औजार जब्त
जानें पूरा मामला.
सांकेतिक तस्वीर
कोरापुट: ओडिशा के कोरापुट जिले में 22 वर्षीय गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत हो गई. सेमिलिगुड़ा से 29 जुलाई को लापता हुई अल्बिना गराडा का शव पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के गजपतिनगरम इलाके में जमीन के नीचे दबा मिला. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और हत्या के बाद शव को दूसरे राज्य में ले जाकर छिपाने की आशंका जताई है.
मृतका की पहचान दसमंतपुर थाना क्षेत्र के तुंखाल गांव की रहने वाली अल्बिना गराडा के तौर पर हुई है. पुलिस के अनुसार, अल्बिना के लापता होने के बाद 1 अगस्त को 35 वर्षीय मोहन खिल्ला ने सेमिलिगुड़ा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे मामला सामान्य गुमशुदगी के बजाय आपराधिक घटना की ओर बढ़ता दिखाई दिया.
इसके बाद पुलिस ने मोहन खिल्ला और 19 वर्षीय मिलन कुलदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की. मोहन सुनाबेड़ा के तहत आने वाले काकीगांव का निवासी है, जबकि मिलन सेमिलिगुड़ा के गुरुद्वारा इलाके में रहता है. पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर अल्बिना के शव को ठिकाने लगाने से संबंधित अहम जानकारी मिली.
आरोपियों से मिली सूचना के आधार पर सेमिलिगुड़ा पुलिस ने आंध्र प्रदेश पुलिस की मदद ली. इसके बाद विजयनगरम जिले के गजपतिनगरम इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया. पुलिस को मारुपल्ली गांव में एक पेड़ के पास जमीन के अंदर शव दबाए जाने का सुराग मिला.
मौके पर पहुंची टीम ने खुदाई कर आंशिक रूप से सड़ चुकी अल्बिना की लाश बरामद की. पुलिस ने शव को बाहर निकालने के बाद सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं. मृतका के पिता ने शव पर मिले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान किए जाने की बात बताई. कार्यपालक दंडाधिकारी, परिवार के सदस्यों और गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा भी तैयार किया गया.
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से पहचान की पुष्टि और जांच को मजबूत करने के लिए जैविक नमूने भी सुरक्षित रखे हैं. इन नमूनों की DNA जांच कराई जाएगी. पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट से मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
जांच के दौरान पुलिस ने उस कार को जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर शव को आंध्र प्रदेश ले जाने और उसे ठिकाने लगाने के लिए किया गया. इसके अलावा जमीन खोदने में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी बरामद किए गए हैं. पुलिस इन सामानों को मामले की अहम कड़ी मानकर जांच कर रही है.
आरोपियों के मोबाइल फोन और कपड़े भी पुलिस ने जब्त किए हैं. इसके साथ ही अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों को भी कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए भेजा गया है. जांच एजेंसियां मोबाइल डेटा, वैज्ञानिक साक्ष्य और बरामद सामान के जरिए घटना से जुड़ी पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही हैं.
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि मोहन खिल्ला पहले से दो शादियां कर चुका था और कथित तौर पर अल्बिना के साथ उसके संबंध थे. पुलिस को शक है कि घरेलू विवाद के बाद अल्बिना की हत्या की गई और फिर मिलन की कथित मदद से शव को आंध्र प्रदेश ले जाकर जमीन में दफना दिया गया.
पुलिस अभी हत्या की वजह और वारदात के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना किस परिस्थिति में हुई और शव को कोरापुट से आंध्र प्रदेश तक कैसे ले जाया गया. पुलिस दोनों आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है.
गिरफ्तार किए गए मोहन खिल्ला और मिलन कुलदीप को अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पोस्टमार्टम, DNA परीक्षण और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार है. इन रिपोर्टों के जरिए अल्बिना की मौत की वास्तविक वजह और उसकी पहचान से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं की पुष्टि की जाएगी. पुलिस का फोकस हत्या और शव को दूसरे राज्य में दफनाने की पूरी कड़ी सामने लाने पर है.