Kochi. कोच्चि। देशभर में दीपावली का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। दीपावली से एक दिन पहले केरल के कोच्चि में आयोजित रैली में शामिल होने के बाद मुंबई लौट रहे दीपके को विमान यात्रा के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा। कनेक्टिंग फ्लाइट में देरी के कारण उन्हें पूरी रात एयरपोर्ट पर बितानी पड़ी। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह किसी तरह दिवाली पर घर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
दरअसल, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीश गवांडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दीपावली के दौरान हवाई यात्रा से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया था। उन्होंने लिखा कि उन्हें दिवाली के मौके पर एयरपोर्ट जाना बेहद पसंद है। इस दौरान लोग पारंपरिक कपड़ों में सजे नजर आते हैं और एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते हैं। गवांडे ने एयरपोर्ट के माहौल की तारीफ करते हुए एयर इंडिया को अपनी पसंदीदा एयरलाइन बताया।
गवांडे के इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने अपनी परेशानी बताई। उन्होंने लिखा कि उन्हें पूरी रात एयरपोर्ट पर बितानी पड़ी। उनकी नींद भी पूरी नहीं हुई थी और वह देरी से चल रही कनेक्टिंग फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। दीपके ने बताया कि वह कोच्चि में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद किसी तरह घर लौटना चाहते थे, ताकि दिवाली अपने परिवार के साथ मना सकें। दीपके ने अपने पोस्ट में मजाकिया अंदाज में मां का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वह दिवाली पर घर नहीं पहुंचे तो उनकी मां उन्हें नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने अपने अनुभव को त्योहार का अनोखा अनुभव बताते हुए व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। इसके बाद एक अन्य पोस्ट में उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और कलह-मुक्त दिवाली मनाने का संदेश दिया।


इससे पहले कोच्चि में आयोजित रैली के दौरान अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था को लेकर कई राजनीतिक बयान दिए थे। कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जंतर-मंतर एट कोच्चि' अभियान के तहत विरोध सभा आयोजित की गई थी। सभा को संबोधित करते हुए दीपके ने दावा किया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सत्ता से बाहर हो जाएगी। उन्होंने लोगों से केंद्र में सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है और आगामी चुनाव के परिणाम के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
दीपके ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार में बदलाव केवल लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की आवश्यकता पर जोर देते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में बने रहने को लेकर भाजपा के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि लोगों को 2029 के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सभा में मौजूद प्रदर्शनकारियों से भी इस संबंध में सवाल किए, जिस पर उपस्थित लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया।
रैली के दौरान दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बचाने के लिए सरकार युवाओं के खिलाफ संघर्ष कर रही है। साथ ही सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं। ये आरोप दीपके की ओर से लगाए गए हैं। उन्होंने अपने संबोधन में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग दोहराई और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव ही है। कोच्चि की इस विरोध सभा में उन्होंने चुनावी व्यवस्था और केंद्र सरकार को लेकर अपने विचार रखे। रैली के बाद मुंबई लौटने के दौरान हुई यात्रा संबंधी परेशानी को दीपके ने सोशल मीडिया पर साझा किया। राजनीतिक बयानबाजी के बीच उनका एयरपोर्ट पर रात गुजारने और दिवाली पर घर पहुंचने की कोशिश वाला पोस्ट भी चर्चा का विषय बन गया।
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