Nahan. नाहन। एचआरटीसी नाहन डिपो में टायरों की कमी के चलते परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हाल ही में इलेक्ट्रिक बसों को वापस बुलाए जाने के बाद अब टायरों की किल्लत ने डिपो की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि पिछले तीन दिनों से टायर न होने के कारण करीब 11 बसें बस स्टैंड और वर्कशॉप में खड़ी हैं। इसका सीधा असर बस सेवाओं पर पड़ा है और 15 से अधिक रूट बंद हो चुके हैं। वहीं, दो दर्जन के करीब रूटों पर बसों को क्लब करके चलाया जा रहा है। कभी निगम के कमाऊ डिपो में शुमार नाहन डिपो पिछले कुछ वर्षों से लगातार अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। कभी डीजल की कमी बसों के संचालन में बाधा बनती है, तो कभी स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध न होने के कारण बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। अब टायरों की किल्लत ने परिवहन व्यवस्था की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मरम्मत और टायरों की कमी के कारण भी बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा उन यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, जो रोजाना एचआरटीसी की बसों से स्कूल, कॉलेज और कार्यालय पहुंचते हैं।
रूट बंद होने और बसों को क्लब करके चलाने से कई क्षेत्रों में नियमित बस सेवा प्रभावित हो रही है। यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, उपलब्ध बसों में भीड़ बढऩे की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में एचआरटीसी की बसें आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में बसों का संचालन प्रभावित होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने नाहन डिपो को ई-डिपो बनाने की घोषणा की थी। इसके तहत डिपो को 25 इलेक्ट्रिक बसें मिली थीं, लेकिन इनमें से 17 बसें वापस लेकर प्रदेश के दूसरे डिपो को भेज दी गईं। इससे डिपो में बसों की उपलब्धता का संकट फिर खड़ा हो गया। अब टायरों की कमी ने परेशानी और बढ़ा दी है। यदि जल्द पर्याप्त टायर और जरूरी स्पेयर पाट्र्स उपलब्ध नहीं करवाए गए, तो बंद पड़े रूटों को बहाल करना चुनौती बन सकता है। उधर, नाहन डिपो के उपमंडल प्रबंधक रामदयाल ने टायरों की कमी के चलते 11 बसें खड़ी होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि टायर उपलब्ध होते ही सभी रूट बहाल कर दिए जाएंगे।