मेड इन पाकिस्तान' वाली चादरों से हड़कंप, दो फेरीवाले हिरासत में
सप्लाई चेन की जांच तेज
पटना। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में 'मेड इन पाकिस्तान' लिखी चादरों की बिक्री का मामला सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में कथित तौर पर पाकिस्तान में बनी चादरें बेचे जाने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दो फेरीवालों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस अब इन चादरों के असली स्रोत और स्थानीय बाजार तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया का पता लगाने में जुटी है।
चादरों पर पाकिस्तान का लेबल देखकर मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को मोतिहारी के चांदमारी इलाके में कुछ फेरीवालों द्वारा ऐसी चादरें बेचे जाने की शिकायत पुलिस को मिली, जिन पर 'मेड इन पाकिस्तान' का लेबल लगा हुआ था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो विक्रेताओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इससे पहले भी रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में इसी तरह की शिकायत सामने आ चुकी है। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए पुलिस ने चादरों की आपूर्ति से जुड़े लोगों की पहचान करने की कार्रवाई तेज कर दी है।
कपड़ा व्यापारी तक पहुंची जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में बंजरिया थाना क्षेत्र के पंडाल चौक स्थित 'ओम साई टेक्सटाइल्स' का नाम सामने आया है। आशंका जताई जा रही है कि इसी प्रतिष्ठान से चादरों की आपूर्ति की गई होगी। पूछताछ के दौरान दोनों फेरीवालों ने बताया कि उन्होंने चादरें इसी दुकान से खरीदी थीं और इसके बाद विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर इन्हें बेच रहे थे। विक्रेताओं ने दावा किया कि ये नई नहीं, बल्कि पहले इस्तेमाल की जा चुकी पुरानी चादरें थीं। उनके अनुसार, ऐसी चादरें भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से मंगाई जाती हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
200 रुपये में बेची जा रही थीं चादरें
इस मामले से जुड़ी एक शिकायत 7 अक्टूबर को भी रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में सामने आई थी। उस दौरान दो युवक महज 200 रुपये में नई बताकर बेडशीट बेच रहे थे। कम कीमत होने के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने चादरें खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। इसी दौरान एक खरीदार की नजर बेडशीट पर लगे टैग पर पड़ी, जिस पर 'मेड इन पाकिस्तान' लिखा हुआ था। यह जानकारी सामने आते ही स्थानीय स्तर पर हंगामा खड़ा हो गया। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद चादरों के स्रोत को लेकर सवाल उठने लगे।
कहां से आईं चादरें, पुलिस कर रही जांच
एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित विदेशी चादरें बिहार के बाजारों तक कैसे पहुंचीं। इनका ऑर्डर किसने दिया, इन्हें किस माध्यम से मंगाया गया और वितरण में किन लोगों की भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस विशेष रूप से सप्लायर, कपड़ा व्यापारियों और वितरण नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
लेबल की असलियत की पुष्टि होना बाकी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि चादरों पर लगे 'मेड इन पाकिस्तान' के लेबल असली हैं या नहीं। चादरों के वास्तविक निर्माण स्थल की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए विक्रेताओं के बयानों और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इन चादरों के वितरण के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या मामला सामान्य कपड़ा कारोबार से जुड़ा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चादरों के वास्तविक स्रोत और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।