IND W vs ZIM W। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच रविवार को खेले जा रहे तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश की। वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में कप्तान स्मृति मंधाना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार साझेदारी करते हुए भारतीय पारी को 100 रन के पार पहुंचाया।
उपलब्ध लाइव स्कोर के अनुसार, भारत ने 16.1 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 105 रन बना लिए थे। इस समय हरमनप्रीत कौर 42 रन बनाकर खेल रही थीं, जबकि प्रतिका रावल ने 45 रन बनाए थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने शुरुआती झटकों के बाद टीम को संभलने का मौका दिया। हालांकि, मुकाबला जारी होने के कारण स्कोर और खिलाड़ियों के आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।
शुरुआती झटकों के बाद हरमनप्रीत और प्रतिका ने संभाली पारी
भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पारी की शुरुआत करने उतरी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं। शुरुआती ओवरों में विकेट गिरने से टीम पर दबाव बढ़ गया, लेकिन इसके बाद क्रीज पर आईं हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल ने संभलकर बल्लेबाजी की।
दो विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम को ऐसी साझेदारी की जरूरत थी, जो पारी को स्थिरता देने के साथ रन गति को भी बनाए रख सके। हरमनप्रीत और प्रतिका ने इसी जिम्मेदारी को निभाने की कोशिश की। दोनों ने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को लगातार दबाव बनाए रखने का मौका नहीं दिया।
हरमनप्रीत कौर की आक्रामक बल्लेबाजी
भारतीय कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने क्रीज पर आने के बाद सकारात्मक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने मौके मिलने पर रन बनाए और भारतीय पारी को गति देने में योगदान दिया। उनके अनुभव का फायदा टीम को ऐसे समय मिला, जब शुरुआती विकेट गिरने के बाद संभलकर खेलने की जरूरत थी।
हरमनप्रीत की बल्लेबाजी भारतीय टीम के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मध्यक्रम में उनकी भूमिका पारी को मजबूती देने और जरूरत पड़ने पर रन गति बढ़ाने की रहती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में भी उनकी कोशिश पारी को आगे ले जाने और बड़े स्कोर की नींव तैयार करने की थी।
प्रतिका रावल ने भी दिखाया दम
दूसरी ओर, प्रतिका रावल ने भी संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने हरमनप्रीत के साथ तालमेल बनाकर रन जुटाए और दबाव की स्थिति से टीम को बाहर निकालने में अहम योगदान दिया। दोनों के बीच अच्छी समझ दिखाई दी, जिससे भारतीय पारी को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
प्रतिका का प्रदर्शन इस सीरीज में भी नजरों में है। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए थे। उस मुकाबले में भारत ने 198 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नौ विकेट से जीत दर्ज की थी। प्रतिका का यह शतक भारतीय टीम की जीत में निर्णायक साबित हुआ था।
दूसरे वनडे में भी प्रतिका से अच्छी पारी की उम्मीद की जा रही है। हरमनप्रीत के साथ उनकी साझेदारी भारत को मजबूत स्कोर की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जिम्बाब्वे के सामने विकेट लेने की चुनौती
भारतीय बल्लेबाजों के बीच साझेदारी बनने से जिम्बाब्वे की टीम के सामने गेंदबाजी में नई चुनौती खड़ी हुई। शुरुआती विकेट हासिल करने के बाद विरोधी टीम की कोशिश रन गति पर नियंत्रण रखने और साझेदारी तोड़ने की होगी।
वनडे क्रिकेट में मध्य ओवरों के दौरान बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए विकेट बचाए रखते हुए रन बनाना महत्वपूर्ण होता है। यदि भारत की दोनों बल्लेबाज लंबी साझेदारी करने में सफल रहती हैं, तो टीम अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है। वहीं, जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के लिए जरूरी होगा कि वे सटीक लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाए रखें।
सीरीज में बढ़त मजबूत करने का मौका
भारतीय महिला टीम ने पहले वनडे में जिम्बाब्वे को नौ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई थी। उस मुकाबले में गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 197 रन पर समेट दिया था, जिसके बाद प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी से भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया था।
अब दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम की नजर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है। इसके लिए बल्लेबाजों को अच्छी साझेदारियां बनाने और गेंदबाजों को मिले शुरुआती लाभ का फायदा उठाने की जरूरत होगी।
फिलहाल मुकाबले का अहम मोड़ हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल की साझेदारी है। शुरुआती दो विकेट गंवाने के बाद दोनों ने भारत का स्कोर 100 के पार पहुंचाकर टीम को राहत दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों बल्लेबाज इस शुरुआत को कितनी बड़ी साझेदारी में बदल पाती हैं और भारतीय टीम पहली पारी में कितना मजबूत स्कोर खड़ा करती है।