ताइपे। ताइवान और चीन के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक नए सर्वेक्षण में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) द्वारा जारी सर्वेक्षण के अनुसार, आधे से अधिक उत्तरदाताओं का मानना है कि ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) जिम्मेदार है। सर्वेक्षण में 52.3 प्रतिशत लोगों ने ताइवान और चीन के बीच संबंधों को अस्थिर करने के लिए CCP को जिम्मेदार ठहराया है।'द ताइपे टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, मई में हुए इसी तरह के सर्वेक्षण में 47.4 प्रतिशत लोगों ने चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को जिम्मेदार माना था। नए सर्वेक्षण में यह आंकड़ा बढ़कर 52.3 प्रतिशत पहुंच गया है। यानी दोनों सर्वेक्षणों के बीच 4.9 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
28.5 प्रतिशत लोगों ने दोनों पक्षों को जिम्मेदार माना
सर्वेक्षण में शामिल 28.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने के लिए ताइवान और चीन दोनों जिम्मेदार हैं। मई में यह आंकड़ा 33.3 प्रतिशत था। इस तरह दोनों पक्षों को जिम्मेदार मानने वाले लोगों के अनुपात में 4.8 प्रतिशत अंकों की गिरावट दर्ज हुई है।वहीं, केवल 6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने तनाव के लिए पूरी तरह ताइवान को जिम्मेदार माना। मई में यह आंकड़ा 7.9 प्रतिशत था। इसके अलावा 13.2 प्रतिशत लोगों ने कोई राय नहीं दी या कहा कि वे इस विषय पर निश्चित नहीं हैं। पिछले सर्वेक्षण में ऐसे लोगों का अनुपात 11.3 प्रतिशत था।
चीनी जहाजों की गतिविधियों पर उठाए सवाल
मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता लियांग वेन-चिएह ने ताइपे में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सर्वेक्षण के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीनों में ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीनी तटरक्षक बल, अनुसंधान जहाजों और समुद्री मिलिशिया से जुड़े जहाजों की गतिविधियां बढ़ी हैं।लियांग के अनुसार, जून से ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीनी तटरक्षक बल की गश्त बढ़ी है। अगस्त में भी एक संदिग्ध चीनी समुद्री मिलिशिया जहाज देखा गया था। उन्होंने इन गतिविधियों को ताइवान की जनता की चिंताओं से जोड़कर देखा।उन्होंने ताइवान में सामने आए कथित चीनी अंतरराष्ट्रीय दमन से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन आरोपों पर चीन का पक्ष संबंधित रिपोर्ट में विस्तार से प्रस्तुत नहीं किया गया है।
रक्षा बजट बढ़ाने के समर्थन में 80.6 प्रतिशत लोग
सर्वेक्षण में ताइवान की रक्षा तैयारियों को लेकर भी लोगों से सवाल पूछे गए। इसके अनुसार, 80.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने आत्मरक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए रक्षा बजट बढ़ाने का समर्थन किया। मई में यह आंकड़ा 71.9 प्रतिशत था।इसके अलावा 78.8 प्रतिशत लोगों ने इस विचार का समर्थन किया कि ताइवान का आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ चाइना और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना एक-दूसरे के अधीन नहीं हैं। मई में यह आंकड़ा 72.6 प्रतिशत था।
1,073 लोगों की राय पर आधारित सर्वेक्षण
मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल की ओर से यह सर्वेक्षण इप्सोस नामक सर्वेक्षण एजेंसी ने किया। इसमें ताइवान के 20 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों से टेलीफोन के माध्यम से राय ली गई।सर्वेक्षण में कुल 1,073 वैध प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। इसके नतीजों के लिए 95 प्रतिशत विश्वास स्तर और लगभग 2.99 प्रतिशत अंकों की त्रुटि सीमा बताई गई है।सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि मई की तुलना में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को तनाव के लिए जिम्मेदार मानने वाले उत्तरदाताओं का अनुपात बढ़ा है। हालांकि, यह सर्वेक्षण जनता की राय को दर्शाता है, न कि ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव के लिए किसी पक्ष की जिम्मेदारी का स्वतंत्र निर्धारण।