किम जोंग उन ने सेना को ताकतवर बनाने के दिए निर्देश, सैन्य कमांडरों से कही ये बात
सोल: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश की सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने पर जोर दिया है। प्योंगयांग में सैन्य कमांडरों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने सेना की युद्धक क्षमता, अनुशासन और सैनिकों की वैचारिक प्रतिबद्धता मजबूत करने के निर्देश दिए।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के हवाले से समाचार एजेंसी योनहाप ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, किम ने 22 और 23 अक्टूबर को आयोजित कोरियाई पीपुल्स आर्मी के कंपनी कमांडरों के तीसरे सम्मेलन की अध्यक्षता की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि मजबूत सैन्य इकाइयों के निर्माण और उत्तर कोरिया की अपनी शैली में सैन्य बदलाव को गति देकर सबसे ताकतवर सेना तैयार करना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है।
सैन्य कमांडरों से क्या कहा किम जोंग उन ने?
किम जोंग उन ने कंपनी कमांडरों से सेना और सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के प्रति निष्ठा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने सैन्य इकाइयों को अधिक सक्षम बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेना की प्रत्येक कंपनी को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि वह अलग-अलग सैन्य अभियानों को स्वतंत्र रूप से और प्रभावी ढंग से अंजाम दे सके। किम के संबोधन में सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और सैनिकों की वैचारिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा।
सेना की बुनियादी इकाइयों की क्षमता बढ़ाने पर जोर
उत्तर कोरिया की सैन्य संरचना में कंपनी को एक बुनियादी लड़ाकू इकाई माना जाता है। किम जोंग उन ने इन इकाइयों की युद्धक क्षमता और संगठनात्मक दक्षता में सुधार को सेना के आधुनिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।बैठक में कंपनी स्तर पर सैन्य अनुशासन बेहतर बनाने, प्रशिक्षण को मजबूत करने और सैनिकों के जीवन की स्थितियों में सुधार करने पर भी चर्चा हुई।
सम्मेलन में शामिल हुए वरिष्ठ सैन्य अधिकारी
इस सम्मेलन में उत्तर कोरिया के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए। इनमें सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग चोन, रक्षा मंत्री किम सोंग गी और कोरियाई पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ प्रमुख री योंग गिल शामिल थे।
इसके अलावा सैन्य और राजनीतिक संगठनों के कमांडरों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
KCNA के मुताबिक, फरवरी में वर्कर्स पार्टी की नौवीं कांग्रेस के बाद यह पूरी सेना के स्तर पर आयोजित पहला ऐसा सम्मेलन था। बैठक के दौरान सैन्य कमांडरों के अनुभवों पर आधारित वीडियो दिखाए गए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर भी जोर
किम जोंग उन का यह संबोधन उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमता मजबूत करने की व्यापक नीति के बीच आया है। इस साल फरवरी में वर्कर्स पार्टी की नौवीं कांग्रेस के दौरान भी उन्होंने पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के साथ परमाणु हथियारों और मिसाइल कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
किम जोंग उन के स्वास्थ्य को लेकर भी हुई चर्चा
किम जोंग उन के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने के बाद उनकी सार्वजनिक उपस्थिति भी चर्चा में रही। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने शुक्रवार को सांसदों को जानकारी दी थी कि किम की मौत से जुड़ी अटकलों का कोई आधार नहीं है।
इसके बाद उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने शनिवार को सैन्य सम्मेलन की तस्वीरें जारी कीं और बताया कि किम जोंग उन ने बैठक की अध्यक्षता की थी।