वाशिंगटन: ओहियो के गवर्नर पद के उम्मीदवार, भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी ने सात कार्यकारी आदेशों (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स) की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि पदभार संभालने के पहले ही दिन वे इन पर हस्ताक्षर करेंगे। मंगलवार को होने वाले चुनाव से कुछ दिन पहले सामने आए इन आदेशों में एक 'स्टेट टास्क फोर्स' का गठन भी शामिल है, जो वीज़ा धोखाधड़ी और "सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के दुरुपयोग" पर
नज़र रखेगी
।
शुक्रवार को 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए रामास्वामी ने लिखा, "ये रहे मेरे 'पहले दिन' के कार्यकारी आदेश। इन पर 11 जनवरी की आधी रात से पहले हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे। तैयार हो जाइए!"
सातवें आदेश के तहत एक 'इंटर-एजेंसी एंटी-फ्रॉड टास्क फोर्स' (धोखाधड़ी-रोधी टास्क फोर्स) बनाई जाएगी, जो सीधे गवर्नर को रिपोर्ट करेगी। उनकी पोस्ट के अनुसार, यह टास्क फोर्स "मेडिकेड धोखाधड़ी, सरकारी लाभों में धोखाधड़ी, चाइल्ड केयर धोखाधड़ी, वीज़ा धोखाधड़ी, वोटर रजिस्ट्रेशन धोखाधड़ी, ट्रकिंग धोखाधड़ी, विदेशी CDL (कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस) और सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के दुरुपयोग" जैसे मामलों पर ध्यान केंद्रित करेगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह टास्क फोर्स किन वीज़ा श्रेणियों की जांच करेगी।
दूसरे आदेश के तहत "पूरे ओहियो में 'सेंक्चुअरी सिटीज़' (प्रवासियों को संरक्षण देने वाले शहर) को खत्म" किया जाएगा। पोस्ट में कहा गया है कि जो स्थानीय सरकारें संघीय आव्रजन (इमिग्रेशन) संबंधी अनुरोधों का पालन नहीं करेंगी या संघीय कानून के अनुसार जानकारी साझा नहीं करेंगी, वे "राज्य की एजेंसियों द्वारा दिए जाने वाले अनुदान (ग्रांट्स) पाने की पात्रता खो देंगी। इसमें सार्वजनिक सुरक्षा और होमलैंड सिक्योरिटी से जुड़े अनुदान भी शामिल हैं, और यह तब तक लागू रहेगा जब तक कि वे नियमों का पालन नहीं करतीं।"
तीसरे आदेश के तहत राज्य की एजेंसियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे नए डेटा सेंटर के लिए किसी भी आवेदन, परमिट, प्रोत्साहन या मंजूरी पर तब तक कोई कार्रवाई न करें, जब तक कि 'जनरल असेंबली' डेटा सेंटर से जुड़ा एक व्यापक कानून पारित न कर दे। इस कानून में वे शर्तें भी शामिल होंगी जिन्हें रामास्वामी ने अपने "अटल सिद्धांत" (non-negotiable principles) कहा है।
चौथे आदेश के तहत 'डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकेड' को 'सेक्शन 1115 वेवर' (छूट) के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया जाएगा। इसका मकसद "ओहियो के मेडिकेड खर्च को सीमित करना है, ठीक उसी तरह जैसे टेनेसी राज्य के 'टेनकेयर III' (TennCare III) वेवर में किया गया था।"
अन्य आदेशों में उन क्षेत्रों की जांच करना शामिल है जहां 2020 के बाद से प्रॉपर्टी टैक्स में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, हिंसक अपराधों को सुलझाने की दर (जो अभी 34% है) को बढ़ाने के लिए फंडिंग को प्राथमिकता देना और 'जनरल रेवेन्यू फंड' से भुगतान किए जाने वाले राज्य के सभी अनुबंधों की समीक्षा करना भी इसमें शामिल है।
'प्रोफिलो पॉलिटिक्स' (ProfiloPolitics) के अनुसार, ये आदेश उनके चुनावी वादे हैं और ये तभी लागू होंगे जब रामास्वामी 3 नवंबर का चुनाव जीतेंगे। चुनाव में उनके सामने डेमोक्रेट एमी एक्टन और लिबर्टेरियन डॉन किसिक हैं। 30 अक्टूबर तक के 'फिफ्टीप्लसवन' (FiftyPlusOne) पोलिंग औसत के अनुसार, एक्टन, रामास्वामी से लगभग 3 अंकों (48 प्रतिशत बनाम 45 प्रतिशत) से आगे हैं। 'प्रोफिलोपॉलिटिक्स' (ProfiloPolitics) की रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह जारी किए गए सफ़ोक यूनिवर्सिटी/USA टुडे नेटवर्क ओहियो पोल में एक्टन को 48 प्रतिशत और रामास्वामी को 44 प्रतिशत पर दिखाया गया है।
WFMJ की रिपोर्ट के अनुसार, रामास्वामी के अभियान की वेबसाइट के मुताबिक, वे रविवार, 1 नवंबर को कैनफील्ड के 'वेपॉइंट 4180' (Waypoint 4180) में अपनी आखिरी वीकेंड रैली करने वाले हैं। वहीं, एक्टन रविवार को क्लीवलैंड में रैली करने वाले हैं।
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