नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 की स्वर्ण पदक विजेता और प्रतिष्ठित पैरा एथलीट सुवर्णा राज को दिल्ली में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए राज्य आयुक्त (स्टेट कमिश्नर फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज) के पद के लिए चुना गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने खोज एवं चयन समिति की सिफारिशों और संबंधित उम्मीदवारों के दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद उनके चयन को अंतिम रूप दिया है। इस फैसले को दिव्यांगजनों के अधिकारों और कल्याण से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।जानकारी के अनुसार, सुवर्णा राज का चयन तीन उम्मीदवारों के पैनल में से किया गया है। यह पैनल निर्धारित प्रक्रिया के तहत गठित खोज एवं चयन समिति ने तैयार किया था। पिछले राज्य आयुक्त का कार्यकाल पूरा होने के बाद से नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया लंबित थी।
चयन समिति की सिफारिश पर लिया गया फैसला
सुवर्णा राज के चयन की प्रक्रिया दिल्ली दिव्यांगजन अधिकार नियम, 2018 के तहत पूरी की गई है। इन नियमों के नियम 42 में राज्य आयुक्त की नियुक्ति के लिए खोज एवं चयन समिति के गठन का प्रावधान है।समिति की अध्यक्षता दिल्ली के मुख्य सचिव करते हैं। इसमें समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और राजस्व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाता है।समिति पात्र उम्मीदवारों के नामों पर विचार करके तीन उपयुक्त व्यक्तियों का पैनल तैयार करती है। इसके बाद निर्धारित नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार उनमें से एक उम्मीदवार का चयन किया जाता है।
उपराज्यपाल ने की दस्तावेजों की समीक्षा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल ने चयन समिति की बैठक के कार्यवृत्त और उम्मीदवारों से संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा की।इसके बाद पैरा एथलीट सुवर्णा राज के नाम को अंतिम मंजूरी दी गई। हालांकि, चयन को अंतिम रूप दिए जाने और औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी होने में अंतर होता है। उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख की अलग से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होगी।इस पद के लिए पहले भी चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर जून और जुलाई 2026 में इस पद की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सूचनाएं प्रकाशित की गई थीं।
एशियन पैरा गेम्स में जीता स्वर्ण पदक
सुवर्णा राज ने खेल के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों से देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की डिस्कस थ्रो एफ-54 स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल कियाउनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को उन्हें बधाई दी थी।प्रधानमंत्री ने सुवर्णा राज की सफलता को उनकी कड़ी मेहनत, दृढ़ता और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम बताया था। उन्होंने भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं दी थीं।
दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा होगी प्रमुख जिम्मेदारी
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए राज्य आयुक्त का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है। राज्य आयुक्त का प्रमुख कार्य दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनसे संबंधित कानूनों के क्रियान्वयन की निगरानी करना है।इसके अंतर्गत शिक्षा, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं, सरकारी योजनाओं और सुलभ सुविधाओं से जुड़े मामलों पर ध्यान दिया जाता है।राज्य आयुक्त दिव्यांगजनों के अधिकारों से संबंधित शिकायतों की जांच कर सकते हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की सिफारिश कर सकते हैं।दिल्ली सरकार का समाज कल्याण विभाग दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं और अधिकारों के संरक्षण के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करता है।
तीन वर्ष के लिए होती है नियुक्ति
दिल्ली दिव्यांगजन अधिकार नियम, 2018 के अनुसार, राज्य आयुक्त की नियुक्ति पूर्णकालिक आधार पर तीन वर्षों के लिए या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, की जाती है।नियमों के तहत पात्र व्यक्ति अधिकतम दो कार्यकाल तक इस पद पर रह सकता है।
दिव्यांग खिलाड़ियों और समाज के लिए महत्वपूर्ण पहल
सुवर्णा राज का चयन खेल उपलब्धियों के साथ सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के जुड़ाव का उदाहरण है।एक पैरा एथलीट के रूप में दिव्यांग व्यक्तियों के सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति उनका अनुभव इस पद पर उपयोगी साबित हो सकता है।दिल्ली में दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, रोजगार, सुगम परिवहन और सरकारी सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना इस कार्यालय की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।सुवर्णा राज के चयन के बाद अब उनके औपचारिक नियुक्ति आदेश और पदभार ग्रहण करने से संबंधित जानकारी का इंतजार है।
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