नई दिल्ली। देश में महिलाओं के स्वास्थ्य और स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग ने एक विशेष पहल की है। अंतरराष्ट्रीय स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डाक भवन में स्तन कैंसर जागरूकता पर आधारित दो स्मारक डाक टिकट जारी किए गए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और डाक सेवाओं की महानिदेशक मनीषा सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डाक विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और उपचार के महत्व का संदेश देश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।कार्यक्रम के दौरान दो विशेष स्मारक डाक टिकटों वाली एक स्मारिका शीट और स्तन कैंसर जागरूकता से जुड़े चित्रात्मक पोस्टकार्ड का अनावरण किया गया। इस पहल को डाक विभाग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से तैयार किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने डाक टिकटों और पोस्टकार्ड पर दी जाने वाली स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तैयार करने के लिए तकनीकी सुझाव, संदर्भ सामग्री और आवश्यक विवरण उपलब्ध कराए।डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देशभर में फैले विशाल डाक नेटवर्क के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाया जा सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की पहुंच सीमित हो सकती है, वहां डाक सेवाएं जनजागरूकता बढ़ाने का उपयोगी माध्यम बन सकती हैं।
महिलाओं का स्वास्थ्य मजबूत राष्ट्र की बुनियाद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं का अच्छा स्वास्थ्य स्वस्थ परिवार और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए और नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।उन्होंने बताया कि सरकार स्तन कैंसर सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और समय पर पहचान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सचिव ने पिछले वर्ष 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए गए 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' का भी उल्लेख किया। इस अभियान के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच और जागरूकता संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया था।उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर का समय पर पता चलने से उपचार के बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि, जागरूकता बढ़ने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बावजूद कई मामलों में बीमारी की पहचान देर से होती है।
देशभर में 86.97 करोड़ कैंसर स्क्रीनिंग दर्ज
स्वास्थ्य सचिव ने देश में कैंसर जांच से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लिए कुल 86.97 करोड़ स्क्रीनिंग दर्ज की गई हैं।इनमें 49.02 करोड़ मुंह के कैंसर, 22.90 करोड़ स्तन कैंसर और 14.05 करोड़ गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से संबंधित जांच शामिल हैं।सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन तीन प्रकार के कैंसर से प्रभावित करीब 5.50 लाख मरीज वर्तमान में उपचार प्राप्त कर रहे हैं। इनमें 2.70 लाख मुंह के कैंसर, 1.43 लाख स्तन कैंसर और 1.37 लाख गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मरीज शामिल हैं। ये आंकड़े विभिन्न जांचों की संख्या दर्शाते हैं, न कि इतने अलग-अलग व्यक्तियों की संख्या।
भारत में हर साल सामने आते हैं दो लाख से अधिक मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। वर्ष 2024 में देशभर में स्तन कैंसर के दो लाख से अधिक नए मामले सामने आए थे।स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि उपलब्ध अनुमानों के अनुसार भारत में लगभग 29 में से एक महिला को जीवनकाल में स्तन कैंसर होने का जोखिम हो सकता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे नियमित जांच कराएं और शरीर में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लें।स्तन में गांठ, आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव और बगल में सूजन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, ऐसे सभी लक्षण कैंसर के कारण ही हों, यह जरूरी नहीं है। सही कारण का पता चिकित्सकीय जांच से ही चल सकता है।
1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जांच सुविधाएं
सरकार ने कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए देशभर में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है।इन केंद्रों पर निर्धारित कार्यक्रमों के तहत स्तन, मुंह और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आवश्यकता होने पर मरीजों को आगे की जांच और इलाज के लिए जिला अस्पतालों तथा उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा जाता है।स्वास्थ्य मंत्रालय आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत ABHA आईडी और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रहा है, ताकि मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी रखने में सुविधा मिल सके।
डाक टिकटों के जरिए घर-घर पहुंचेगा जागरूकता का संदेश
डाक सेवाओं की महानिदेशक मनीषा सिन्हा ने कहा कि स्मारक डाक टिकट केवल संग्रहणीय वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि सामाजिक संदेशों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी हैं।उन्होंने कहा कि डाक विभाग का नेटवर्क देश के दूरस्थ इलाकों तक पहुंचता है। ऐसे में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डाक टिकटों और पोस्टकार्ड का उपयोग महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।मनीषा सिन्हा ने बताया कि पोस्टकार्ड महिलाओं के उपचार के दौरान भावनात्मक समर्थन, प्रोत्साहन और सामाजिक एकजुटता का संदेश पहुंचाने में भी उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।
डाक भवन में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित
स्मारक टिकट जारी करने के अलावा डाक विभाग ने फोर्टिस अस्पताल के सहयोग से डाक भवन में स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए।इस दौरान बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) जैसी जीवनरक्षक तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों और अधिकारियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था।
देशभर में खरीद सकेंगे विशेष डाक टिकट
डाक विभाग के अनुसार, स्तन कैंसर जागरूकता पर जारी विशेष स्मारिका शीट देशभर के फिलैटली ब्यूरो में बिक्री के लिए उपलब्ध है। इच्छुक लोग इसे डाक विभाग के [ई-पोस्ट ऑफिस पोर्टल](https://www.epostoffice.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) के माध्यम से भी खरीद सकते हैं।अक्टूबर के पूरे महीने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं और संगठन समय पर जांच, उपचार तथा मरीजों के प्रति सहयोग के संदेश को बढ़ावा देते हैं।भारतीय डाक विभाग की यह पहल इसी व्यापक जागरूकता अभियान का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।