नई दिल्ली। त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं यूट्यूबर आमिर शोकीन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने शोकीन को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच और पूछताछ के लिए छह दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस मामले को लेकर दिल्ली से लेकर त्रिपुरा तक विरोध और कार्रवाई की मांग उठ रही है।
छह दिन की पुलिस हिरासत मांग रही थी दिल्ली पुलिस
आमिर शोकीन को शुक्रवार को दिल्ली की तीस हजारी अदालत में पेश किया गया। सदर बाजार थाने में दर्ज मामले को लेकर पुलिस ने अदालत से छह दिनों की हिरासत देने का अनुरोध किया।पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जरूरत है।हालांकि, अदालत ने पुलिस की मांग के अनुसार छह दिन की हिरासत नहीं दी और आरोपी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।अब आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी।
त्रिपुरा के युवक से नस्लीय टिप्पणी का आरोप
यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है। आरोप है कि आमिर शोकीन ने त्रिपुरा के एक युवक के खिलाफ नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।वीडियो सामने आने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों और विभिन्न संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताई।दिल्ली पुलिस के अनुसार, वीडियो में युवक की क्षेत्रीय पहचान और शारीरिक बनावट को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक बातें कही गई थीं।पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू की और गुरुवार, 22 अक्टूबर को आमिर शोकीन को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस खुद बनी शिकायतकर्ता, चार धाराओं में मामला दर्ज
उत्तरी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने गुरुवार को बताया था कि पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी मिली थी।उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने स्वयं शिकायतकर्ता बनकर सदर बाजार पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 352 और 353 के तहत मामला दर्ज किया है।इन धाराओं में विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, जानबूझकर अपमान करने और सार्वजनिक शांति प्रभावित करने वाले कथित कृत्यों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।पुलिस अब वायरल वीडियो की वास्तविक परिस्थितियों और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
त्रिपुरा के छात्र संगठनों ने पुलिस से मांगी जानकारी
इस बीच शुक्रवार को यूथ टिपरा फेडरेशन (YTF) और टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने अगरतला स्थित एनसीसी पुलिस थाने का दौरा किया।दोनों संगठनों के सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों से आमिर शोकीन के खिलाफ दर्ज मामले की प्रगति और कानूनी धाराओं के बारे में जानकारी मांगी।प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि कथित नस्लीय दुर्व्यवहार से जुड़े मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संगठन के सदस्यों को बताया गया कि आमिर शोकीन को अगले दो से तीन दिनों में अगरतला लाया जा सकता है। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख और हिरासत हस्तांतरण की प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आमिर शोकीन को त्रिपुरा ले जाने की तैयारी
त्रिपुरा पुलिस भी इस मामले में सक्रिय है। राज्य पुलिस की एक टीम गुरुवार को दिल्ली पहुंची थी।रिपोर्टों के अनुसार, टीम का उद्देश्य दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करना और त्रिपुरा में दर्ज मामले की जांच के लिए आरोपी की ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करना है।त्रिपुरा पुलिस ने एनसीसी पुलिस थाने में भी मामला दर्ज किया है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
वायरल वीडियो को लेकर सफाई भी आई सामने
विवाद बढ़ने के बाद आमिर शोकीन ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए दावा किया था कि वीडियो पहले से तय एक मजाकिया प्रस्तुति का हिस्सा था।हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इस दावे पर सवाल उठाए हैं।दूसरी ओर, संबंधित युवक ने भी मीडिया से बातचीत में बताया कि वीडियो लगभग एक महीने पहले अहमदाबाद में बनाया गया था। उसने कहा कि शोकीन ने उससे माफी मांग ली है और उसने व्यक्तिगत रूप से उसे माफ कर दिया है।इसके बावजूद पुलिस की जांच जारी है, क्योंकि मामला केवल व्यक्तिगत शिकायत तक सीमित नहीं है और इसमें दर्ज आपराधिक आरोपों की कानूनी जांच भी शामिल है।
नस्लीय भेदभाव को लेकर उठे सवाल
इस मामले ने सोशल मीडिया पर सामग्री बनाने वाले लोगों की जिम्मेदारी और पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों के प्रति कथित नस्लीय भेदभाव का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है।विभिन्न छात्र संगठनों ने ऐसे मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने और भेदभावपूर्ण व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल आमिर शोकीन के खिलाफ आरोपों की जांच जारी है। अदालत में आगे की सुनवाई और पुलिस द्वारा जुटाए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।