भरत तिवारी के भाई की दिल्ली यात्रा अधूरी, आयोग पर टिकी नजर

Update: 2026-07-14 15:45 GMT

आरा (भोजपुर)। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे मृतक के छोटे भाई चंदन तिवारी को अब वापस लौटना पड़ा है। चंदन तिवारी जंतर-मंतर पर पहुंचकर मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठा रहे थे। इसी बीच न्यायिक जांच आयोग की ओर से जारी समन के बाद उन्हें दिल्ली से वापस लौटना पड़ा।

न्यायिक जांच आयोग ने चंदन तिवारी को निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। आयोग की ओर से जारी समन में कहा गया है कि यदि तय समय पर गवाह उपस्थित नहीं होते हैं तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।

चंदन तिवारी ने बताया कि वह भरत भूषण तिवारी मामले में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली गए थे। जंतर-मंतर से वह लगातार मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हालांकि, आयोग के समन को देखते हुए उन्हें वापस लौटना पड़ा, ताकि वह जांच प्रक्रिया में शामिल होकर अपना पक्ष रख सकें।

अब चंदन तिवारी भोजपुर में न्यायिक जांच आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराएंगे। आयोग मामले से जुड़े सभी पक्षों और गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि अब तक इस मामले में सात गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इससे पहले 11 जुलाई को मृतक भरत भूषण तिवारी के माता-पिता आशा देवी और काशीनाथ तिवारी ने आयोग के सामने पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद सोमवार को मृतक की भाभी सुमन देवी समेत तीन अन्य गवाहों की गवाही हुई थी।

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर परिजनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। परिवार का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

न्यायिक जांच आयोग अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। आयोग की प्रक्रिया के तहत घटना से जुड़े लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

इस मामले में चंदन तिवारी की गवाही को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह मृतक के करीबी परिजन हैं और घटना से जुड़े कई तथ्यों को आयोग के सामने रख सकते हैं। अब उनकी पेशी के बाद जांच की दिशा में आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल आयोग गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ा रहा है।

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