चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने सोमवार, 10 अगस्त को प्रदेश के लाखों परिवारों और लाभार्थियों को बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50,04,873 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल 1,595 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की। सरकार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता तथा सुशासन को मजबूत करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की दसवीं किस्त भी जारी की। योजना के तहत प्रदेश की 9,98,000 बहन-बेटियों के बैंक खातों में 209 करोड़ 62 लाख रुपये की राशि भेजी गई। सरकार के अनुसार, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 10 किस्तों में कुल 2,042 करोड़ 31 लाख रुपये पात्र लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं। लगातार किस्त जारी होने से योजना से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर दीन दयाल लाडो लक्ष्मी ऐप की शुरुआत की थी। इस योजना को लागू करने के लिए सरकार ने पहले ही साल के बजट में 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। अब चालू वित्त वर्ष में योजना के लिए बजट आवंटन को बढ़ाकर 6,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सरकार की ओर से योजना के दायरे को बढ़ाने की भी तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के लिए निर्धारित आय सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये सालाना किया जाएगा। इसका सीधा फायदा उन परिवारों की महिलाओं को मिल सकेगा, जिनकी वार्षिक आय पहले निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण वे योजना के दायरे में नहीं आ पा रही थीं। आय सीमा बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में नए पात्र परिवार इस योजना से जुड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं से अपील की कि सितंबर महीने से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की पात्र बहन-बेटियां योजना के लिए अपना पंजीकरण जरूर करवाएं। सरकार के अनुसार, सितंबर से ऐसे परिवारों की महिलाओं को योजना का फॉर्म भरने और पंजीकरण कराने का अवसर मिलेगा। इससे योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ ले रही हैं, उन्हें उस लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। यानी दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ मिलने के कारण किसी महिला को पहले से मिल रही सरकारी सहायता बंद नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस संबंध में विपक्ष की ओर से फैलाए जाने वाले भ्रम में आने की जरूरत नहीं है।
सरकार का कहना है कि DBT के जरिए राशि सीधे बैंक खातों में भेजने से लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होती है। साथ ही, राशि सीधे खातों में पहुंचने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है। सोमवार को एक साथ 50 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 1,595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का हस्तांतरण राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बड़े स्तर को भी दर्शाता है।
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष जोर है। योजना की किस्तों के जरिए लाभार्थियों को सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है। अब आय सीमा बढ़ाने और बजट में अतिरिक्त प्रावधान किए जाने से योजना का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का सोमवार का यह DBT कार्यक्रम लाखों लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण रहा। एक तरफ 50,04,873 पात्र लाभार्थियों को 1,595 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई, वहीं दूसरी तरफ करीब 9.98 लाख महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना की दसवीं किस्त का लाभ मिला। सितंबर से 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की पात्र महिलाओं के लिए नए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में आने वाले समय में इस योजना से जुड़ने वाली लाभार्थी महिलाओं की संख्या बढ़ सकती है।