शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। मंडी जिले के सुंदरनगर निवासी अनित जसवाल को संगठन के आंतरिक चुनावों के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। छात्र राजनीति में महाविद्यालय स्तर से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले जसवाल अब पूरे प्रदेश में संगठन की कमान संभालेंगे। इससे पहले वह मंडी जिला एनएसयूआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सहित संगठन के वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया। वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी है। जसवाल के चयन को हिमाचल की छात्र राजनीति में नए नेतृत्व के उभरने के रूप में देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई में पिछले कुछ समय से आंतरिक संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया चल रही थी। इसका उद्देश्य छात्र संगठन में कॉलेज और जिला स्तर से नए नेतृत्व को आगे लाना था।

इसी चुनाव प्रक्रिया के तहत मंडी जिले से संबंध रखने वाले अनित जसवाल प्रदेश अध्यक्ष चुने गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से सुंदरनगर और मंडी जिले के एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

अनित जसवाल लंबे समय से छात्र संगठन की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने महाविद्यालय स्तर से छात्र राजनीति में भाग लेना शुरू किया और संगठन की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके बाद उन्हें मंडी जिला एनएसयूआई की जिम्मेदारी मिली। जुलाई 2025 में उन्हें मंडी जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। जिला स्तर पर उन्होंने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने और संगठन को मजबूत बनाने का प्रयास किया।

जिला अध्यक्ष रहते हुए जसवाल ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाया। इसके साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रियता दिखाई।

अक्टूबर 2026 में सुंदरनगर के महाराजा लक्ष्मण सेन स्मारक महाविद्यालय में हुए एनएसयूआई के आंतरिक चुनाव में उनकी टीम की उम्मीदवार जाह्नवी मल्होत्रा ने कैंपस अध्यक्ष का चुनाव जीता था।

जाह्नवी मल्होत्रा ने 1,084 वोट हासिल किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 341 मतों से हराया। इस जीत को जिला संगठन के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना गया था।

अब अनित जसवाल को पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने संगठन के विस्तार और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की चुनौती होगी।

प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद जसवाल ने प्रेसवार्ता में कांग्रेस और एनएसयूआई के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ का धन्यवाद किया।

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और प्रदेश के कांग्रेस नेतृत्व के प्रति भी आभार जताया।

जसवाल ने संगठन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, छात्र संगठन में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही जमीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व तैयार हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अनित जसवाल को प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने उन्हें कर्मठ, ऊर्जावान और समर्पित युवा बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करेंगे।

सुक्खू ने उम्मीद जताई कि जसवाल विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

हिमाचल प्रदेश में एनएसयूआई के आंतरिक चुनाव इस बार विशेष चर्चा में रहे हैं। संगठन ने युवा कांग्रेस की तर्ज पर छात्र स्तर से नेतृत्व चयन की व्यवस्था अपनाई है।

इसके अंतर्गत कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई और अन्य शिक्षण संस्थानों में पहले छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव कराने की योजना बनाई गई थी।

इसके बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी से जिला और प्रदेश स्तर पर संगठन का नेतृत्व चुनने की व्यवस्था की गई।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य संगठन में लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देना और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे आने का अवसर उपलब्ध कराना बताया गया।

प्रदेश के लगभग 400 शिक्षण संस्थानों तक चुनाव प्रक्रिया पहुंचाने की तैयारी की गई थी।

एनएसयूआई की ओर से सदस्यता अभियान, नामांकन, पात्रता जांच और मतदान की व्यवस्था भी तैयार की गई। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्थाओं के उपयोग की जानकारी दी थी।

हिमाचल प्रदेश में छात्र राजनीति लंबे समय से सक्रिय रही है। प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की समस्याओं, शैक्षणिक सुविधाओं और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर विभिन्न छात्र संगठन अपनी भूमिका निभाते रहे हैं।

एनएसयूआई भी छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर समय-समय पर आंदोलन और जागरूकता अभियान चलाती रही है।

अनित जसवाल ने मंडी जिला अध्यक्ष रहते हुए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक की घटनाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई थी।

जून 2026 में मंडी में आयोजित एनएसयूआई के छात्र एवं अभिभावक अभियान का नेतृत्व भी उन्होंने किया था।

इस अभियान में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, कोचिंग संस्थानों की फीस और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।

संगठन ने छात्रों के लिए बेहतर परामर्श सुविधाएं उपलब्ध कराने और परीक्षा व्यवस्था को जवाबदेह बनाने की मांग भी की थी।

अब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जसवाल के सामने विभिन्न जिलों के संगठन को एकजुट करने की जिम्मेदारी होगी।

संगठनात्मक स्तर पर कॉलेज इकाइयों की सक्रियता बढ़ाना, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना और विद्यार्थियों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना उनकी प्रमुख चुनौतियों में शामिल हो सकता है।

इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सुविधाओं, छात्रवृत्ति, रोजगार के अवसरों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल भी छात्र संगठनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

प्रदेश के कई युवा उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में रोजगार, कौशल विकास और शैक्षणिक अवसरों से जुड़े मुद्दे छात्र राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं।

अनित जसवाल का चयन इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि वह जिला स्तर पर संगठन का नेतृत्व करने के बाद प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।

इससे स्थानीय छात्र राजनीति में सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का संदेश मिलता है।

एनएसयूआई भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबद्ध छात्र संगठन है। संगठन का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने और युवाओं को लोकतांत्रिक गतिविधियों से जोड़ने के अवसर प्रदान करना है।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण एनएसयूआई के नए प्रदेश नेतृत्व से संगठनात्मक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

हालांकि छात्र संगठन की सफलता का आकलन केवल राजनीतिक गतिविधियों से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं के समाधान और उनके हितों के लिए किए गए कार्यों से भी किया जाएगा।

फिलहाल अनित जसवाल के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने से मंडी जिले के छात्र संगठन कार्यकर्ताओं में उत्साह है।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की बधाई और कांग्रेस नेतृत्व के प्रति जसवाल के आभार के बाद संगठन में नए नेतृत्व को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनित जसवाल अपने अनुभव का उपयोग करके एनएसयूआई को प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कितनी मजबूती दे पाते हैं।

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