इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में वेस्टर्न रीजन पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की 13वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में पश्चिमी क्षेत्र के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुख शामिल हुए। सम्मेलन में साइबर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, लापता बच्चियों की तलाश और विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि वेस्टर्न रीजन पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की 13वीं बैठक का आयोजन किया गया है। इसमें मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली के DGP शामिल होते हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग राज्यों के बीच पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर आपसी सहयोग और समन्वय को मजबूत करना रहा।

DGP कैलाश मकवाना के मुताबिक, बैठक में मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध की घटनाएं भी लगातार जटिल होती जा रही हैं। ऐसे अपराधों में कई बार आरोपी एक राज्य में बैठकर दूसरे राज्य में रहने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं। इसके कारण अपराध की जांच और आरोपियों तक पहुंचने में विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

बैठक में पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में सूचनाओं के तेजी से आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर चर्चा की। राज्यों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए साइबर अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। पश्चिमी भारत के कई राज्य अलग-अलग मार्गों से जुड़े हुए हैं और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे मामलों में एक राज्य में दर्ज मामले का कनेक्शन दूसरे राज्य से भी सामने आ सकता है। इसलिए पुलिस बलों के बीच लगातार जानकारी साझा करना और संयुक्त कार्रवाई करना जरूरी माना गया।

बैठक में लापता बच्चियों की तलाश को लेकर भी चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने ऐसे मामलों में विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। कई बार लापता बच्चों या बच्चियों को दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है। ऐसे में स्थानीय पुलिस के साथ दूसरे राज्यों की पुलिस का सहयोग तलाश अभियान को अधिक प्रभावी बना सकता है। पुलिस समन्वय समिति की बैठक में राज्यों के बीच आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं को साझा करने और संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि अपराध का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है और अपराधी राज्य की सीमाओं का फायदा उठाकर पुलिस कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे में अंतरराज्यीय पुलिस सहयोग को मजबूत करना जरूरी है। बैठक में साइबर अपराध और नशीले पदार्थों के अलावा अन्य अंतरराज्यीय अपराधों से निपटने के लिए भी बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों के बीच नियमित संवाद और सूचनाओं का आदान-प्रदान अपराध की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

वेस्टर्न रीजन पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक को पश्चिमी क्षेत्र में पुलिस बलों के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें शामिल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के सामने कई समान चुनौतियां हैं। साइबर अपराध, ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और लापता लोगों की तलाश जैसे मामलों में राज्यों की सीमाएं जांच के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में इस तरह की बैठकें पुलिस अधिकारियों को एक-दूसरे के अनुभव साझा करने और बेहतर रणनीति तैयार करने का अवसर देती हैं। मध्य प्रदेश DGP कैलाश मकवाना ने भी बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में शामिल पुलिस अधिकारियों के बीच अपराध की बदलती प्रवृत्तियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराधी जहां नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं, वहीं पुलिस भी तकनीकी संसाधनों और आपसी सहयोग के जरिए इन चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रही है।

कुल मिलाकर, इंदौर में आयोजित वेस्टर्न रीजन पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की 13वीं बैठक में साइबर क्राइम, नशीले पदार्थों की तस्करी, लापता बच्चियों की तलाश और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय को प्रमुखता दी गई। बैठक का उद्देश्य पश्चिमी क्षेत्र के पुलिस बलों के बीच सहयोग को और मजबूत करना तथा अलग-अलग राज्यों से जुड़े अपराधों पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।

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