भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा त्योहार से पहले लाखों का नकली घी-मावा पकड़ा
भोपाल : रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और संदिग्ध दुग्ध उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बाजार में हड़कंप मचा दिया। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, घी, पनीर और मावे की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की, जिसमें करीब 25 क्विंटल संदिग्ध घी, पनीर और मावा जब्त किया गया। जब्त किए गए घी की अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रुपये बताई जा रही है। विभाग ने सभी उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला भेज दिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत भोपाल के विभिन्न इलाकों में कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर बड़ी मात्रा में ऐसे खाद्य पदार्थ मिले, जिनकी गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर संदेह था। अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित सामग्री को जब्त कर लिया और उसके नमूने जांच के लिए सुरक्षित कर लिए।
कार्रवाई के दौरान पटेल नगर स्थित एक डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम से बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी बरामद किया गया। इसके अलावा करोंद और भानपुर क्षेत्र में भी कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में घी, पनीर और मावा जब्त किया गया। विभाग ने अलग-अलग ब्रांड के उत्पादों के नमूने लेकर उन्हें राज्य की अधिकृत प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
इस बीच, प्रयोगशाला से पहले प्राप्त कुछ नमूनों की रिपोर्ट ने विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार एक प्रतिष्ठान से लिए गए पनीर और मावे के नमूनों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि आगे की जांच में मिलावट या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि जांच केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। अब पूरी सप्लाई चेन की गहन पड़ताल की जाएगी। इसके तहत निर्माता, सुपर स्टॉकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर सभी की भूमिका की जांच होगी। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदिग्ध या संभावित रूप से मिलावटी खाद्य सामग्री किस स्तर से बाजार में पहुंची और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मिलावट का मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के समय मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से घटिया या मिलावटी सामग्री बाजार में उतारने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और आने वाले दिनों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। शहर के विभिन्न इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी।
विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता केवल लाइसेंसधारी और विश्वसनीय दुकानों से ही घी, मावा, पनीर और मिठाइयों की खरीदारी करें। पैक्ड उत्पाद खरीदते समय निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर की जांच अवश्य करें। यदि किसी खाद्य पदार्थ का रंग, गंध या स्वाद संदिग्ध लगे अथवा गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसकी सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। भोपाल में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई से बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी।