वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की देर शाम पुलिस टीम पर फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई। लंका थाना क्षेत्र के सुंदरपुर सब्जी मंडी के पीछे आशुतोष नगर इलाके में असलहा तस्करी की सूचना पर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने अचानक गोलियां चला दीं। इस घटना में लंका थाने में तैनात सिपाही अमित शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तीन गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है। घायल सिपाही को तत्काल काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। फायरिंग के बाद एक संदिग्ध युवक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हमलावरों की तलाश और पूरे मामले की जांच के लिए तीन पुलिस टीमें गठित किए जाने की जानकारी है।
असलहा तस्करों को पकड़ने पहुंची थी पुलिस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लंका थाने की क्राइम टीम को आशुतोष नगर इलाके में कुछ संदिग्ध युवकों के असलहों के साथ मौजूद होने की सूचना मिली थी।सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई।बताया जा रहा है कि क्राइम टीम के चार पुलिसकर्मी संदिग्धों की तलाश में मौके पर पहुंचे थे।सुंदरपुर सब्जी मंडी के पीछे आशुतोष नगर में पुलिसकर्मियों का सामना तीन युवकों से हुआ।पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।इसी दौरान अचानक फायरिंग हो गई।गोलीबारी में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि अन्य पुलिसकर्मी सुरक्षित बचने में सफल रहे।
दो युवकों को पकड़ते ही तीसरे ने चलाई गोली
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने तीन संदिग्ध युवकों से पूछताछ शुरू की थी।इस दौरान पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया।बताया जा रहा है कि तभी तीसरे युवक ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग कर दी।गोलियां चलते ही घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई।पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच सिपाही अमित शुक्ला गोली लगने से घायल हो गए।फायरिंग करने वाला संदिग्ध युवक मौके से भाग निकला।घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश शुरू की।हालांकि, पकड़े गए दोनों युवकों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी की औपचारिक स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
सिपाही अमित शुक्ला को लगीं तीन गोलियां
हमले में घायल पुलिसकर्मी की पहचान लंका थाने में तैनात कांस्टेबल अमित शुक्ला के रूप में हुई है।प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें तीन गोलियां लगी हैं।कुछ रिपोर्टों में पेट, पीठ और हाथ में गोली लगने की जानकारी दी गई है, जबकि अन्य में पेट में दो और हाथ में एक गोली लगने का उल्लेख है।गोली लगने के बाद अमित शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गए।उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।घायल सिपाही को काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
वहां डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया।
शुक्रवार रात तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।हालांकि, गोलियों की सटीक स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी अंतिम जानकारी अस्पताल की आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी।प्रयागराज के रहने वाले हैं घायल सिपाहीघायल कांस्टेबल अमित शुक्ला मूल रूप से प्रयागराज जिले के करछना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
उनके पिता का नाम सूर्य मणि शुक्ला बताया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, अमित पिछले करीब तीन वर्षों से वाराणसी के लंका थाने में तैनात हैं।इससे पहले वह वाराणसी की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी में भी कार्य कर चुके हैं।रिपोर्टों में उनके आतंकवाद निरोधक दस्ते से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त करने का भी उल्लेख है।ड्यूटी के दौरान गोली लगने की घटना से उनके परिजनों और परिचितों में चिंता का माहौल है।पुलिस विभाग के अधिकारी उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर पहुंचे घटनास्थल
फायरिंग की जानकारी मिलते ही वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए।घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया।पुलिस कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।फायरिंग की परिस्थितियों और हमलावरों की पहचान के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।घटना के बाद आशुतोष नगर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई।पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार हमलावर की पहचान और गिरफ्तारी है।अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए तीन टीमें गठित की हैं।
फरार हमलावर की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाला संदिग्ध युवक घटना के बाद मौके से फरार हो गया।उसकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर जांच की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध युवक कहां से आए थे और उनका किन लोगों से संपर्क था।इसके अतिरिक्त पुलिस को मिली असलहा तस्करी की प्रारंभिक सूचना की भी जांच की जा रही है।संदिग्धों के पास कौन-कौन से हथियार थे और गोली चलाने में किस असलहे का इस्तेमाल हुआ, इसकी पुष्टि होना बाकी है।जांच के दौरान घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों को महत्वपूर्ण माना जाएगा।पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
असलहा तस्करी के नेटवर्क की भी होगी जांच
पुलिस टीम जिस सूचना के आधार पर आशुतोष नगर पहुंची थी, वह कथित असलहा तस्करी से संबंधित थी।ऐसे में अब जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि संदिग्ध युवक किसी संगठित नेटवर्क से जुड़े थे या नहीं।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि उनके पास हथियार कहां से आए और क्या अवैध हथियारों का कोई लेन-देन होने वाला था।हालांकि, किसी संगठित गिरोह की मौजूदगी या हथियारों की तस्करी में संदिग्धों की भूमिका की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।इसलिए जांच पूरी होने से पहले आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
व्यस्त इलाके में गोलीबारी से मची अफरातफरी
सुंदरपुर सब्जी मंडी और आशुतोष नगर का इलाका शहर के आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है।ऐसे स्थान पर पुलिस टीम के सामने अचानक गोलीबारी होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी की स्थिति बनने की जानकारी सामने आई है।स्थानीय स्तर पर पुलिस की गतिविधियां बढ़ने से लोग घटना के बारे में जानकारी जुटाते रहे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
इस घटना में किसी स्थानीय नागरिक के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।फिलहाल पुलिस का ध्यान सिपाही पर हमला करने वाले संदिग्धों की तलाश और पूरे घटनाक्रम की जांच पर केंद्रित है।ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर सवालवाराणसी में हुई इस घटना ने आपराधिक संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने रखा है।
अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में दबिश देना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
ऐसी कार्रवाई के दौरान संदिग्धों के पास हथियार होने की आशंका के कारण विशेष सतर्कता आवश्यक होती है।पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त तैयारी, आपसी समन्वय और परिस्थितियों का आकलन महत्वपूर्ण माना जाता है।हालांकि, इस घटना में पुलिस टीम की तैयारी में किसी प्रकार की कमी थी या नहीं, इसका प्रमाण सामने नहीं आया है।इस संबंध में कोई निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
शुक्रवार देर शाम हुई इस गोलीबारी में सिपाही अमित शुक्ला गंभीर रूप से घायल हुए हैं।उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।पुलिस ने घटना की जांच तेज कर दी है और फरार संदिग्ध की तलाश की जा रही है।अब पुलिस के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि फायरिंग की योजना पहले से बनाई गई थी या यह पुलिस कार्रवाई के दौरान अचानक हुई।इसके अलावा हथियारों की बरामदगी, संदिग्धों की पहचान और अन्य संभावित संपर्कों से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जाएगी।फिलहाल घायल सिपाही के स्वास्थ्य और हमलावर की गिरफ्तारी पर पुलिस विभाग की नजर बनी हुई है।