फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को नंदनकानन एक्सप्रेस का इंजन अचानक फेल होने से हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पर रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। पुरी से आनंद विहार टर्मिनल जा रही ट्रेन संख्या 12815 नंदनकानन एक्सप्रेस मलवां और कंसपुर गुगौली रेलवे स्टेशनों के बीच तकनीकी खराबी के कारण अप मेन लाइन पर खड़ी हो गई। सुबह करीब दस बजे हुई इस घटना के कारण रेलमार्ग पर लगभग तीन घंटे तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। गरीब रथ, चौरीचौरा, सिक्किम महानंदा और नेताजी एक्सप्रेस सहित कुल 11 ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी सामान्य यात्रियों और पीईटी परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को हुई। ट्रेन आबादी से दूर खड़ी होने के कारण यात्रियों को पानी और खाने-पीने की वस्तुओं के लिए परेशानी उठानी पड़ी। कानपुर से दूसरा इंजन मंगवाने के बाद दोपहर करीब सवा एक बजे नंदनकानन एक्सप्रेस को आगे रवाना किया जा सका। इसके बाद रेल यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
सुबह 9:45 बजे फतेहपुर से रवाना हुई थी ट्रेन
जानकारी के अनुसार, पुरी से आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली नंदनकानन एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह फतेहपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी।यहां निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन सुबह लगभग 9 बजकर 45 मिनट पर कानपुर की ओर रवाना हुई।ट्रेन करीब दस बजे मलवां रेलवे स्टेशन से गुजरी।इसके लगभग पांच मिनट बाद मलवां और कंसपुर गुगौली रेलवे स्टेशनों के बीच इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई।इसके कारण चालक को ट्रेन रोकनी पड़ी।ट्रेन अप मेन लाइन पर खड़ी होने से पीछे आने वाली अन्य ट्रेनों के लिए रास्ता बाधित हो गया।चालक दल ने सबसे पहले इंजन में आई खराबी का पता लगाने का प्रयास किया।
चालक दल ने की इंजन सुधारने की कोशिश
इंजन में खराबी आने के बाद लोको पायलट और ट्रेन में मौजूद तकनीकी कर्मचारियों ने जांच शुरू की।कोच एंड वैगन तथा इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारियों ने भी तकनीकी समस्या को दूर करने की कोशिश की।हालांकि, प्रयासों के बावजूद इंजन ठीक नहीं हो सका।इसके बाद सुबह लगभग 10 बजकर 25 मिनट पर इंजन को आधिकारिक रूप से फेल घोषित कर दिया गया।इसकी जानकारी प्रयागराज स्थित ट्रैक्शन लोको कंट्रोल को भेजी गई।इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने दूसरा इंजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की।अप मेन लाइन पर ट्रेन खड़ी होने के कारण पीछे चल रही ट्रेनों को आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा था।
कानपुर से मंगवाया गया दूसरा इंजन
इंजन फेल होने की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी सक्रिय हो गए।यातायात निरीक्षक संदीप सिंह और मलवां रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक एमएस मिश्रा मौके पर पहुंचे।उन्होंने चालक दल से तकनीकी खराबी की जानकारी ली।इसके बाद कानपुर से दूसरा इंजन मंगवाने का निर्णय लिया गया।करीब दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर दूसरा इंजन कानपुर से कंसपुर गुगौली स्टेशन पहुंचा।इंजन को डाउन लाइन के रास्ते लाया गया और वहां से अप लाइन पर पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।इसके बाद लगभग एक बजे दूसरे इंजन को नंदनकानन एक्सप्रेस से जोड़ा गया।आवश्यक जांच पूरी होने के बाद दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर ट्रेन को आनंद विहार की ओर रवाना किया गया।इस तरह ट्रेन लगभग तीन घंटे तक बीच रास्ते में खड़ी रही।
11 ट्रेनों के संचालन पर पड़ा असर
नंदनकानन एक्सप्रेस का इंजन फेल होने से हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग की अप लाइन पर अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।रेलवे को पीछे से आने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।गरीब रथ एक्सप्रेस को मलवां रेलवे स्टेशन पर रोका गया।चौरीचौरा एक्सप्रेस को कुरस्तीकलां स्टेशन पर रोकना पड़ा।सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस को फतेहपुर और हावड़ा-कालका नेताजी एक्सप्रेस को रमवां रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया।इसके अलावा मूरी एक्सप्रेस को फैजुल्लापुर स्टेशन पर रोका गया।अन्य प्रभावित ट्रेनों में झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, सूबेदारगंज-श्री माता वैष्णो देवी जम्मू मेल, सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस और बेंगलुरु-कानपुर स्पेशल शामिल थीं।इन ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोककर रेल यातायात नियंत्रित किया गया।
पीईटी परीक्षार्थियों की बढ़ी परेशानी
इंजन फेल होने से सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्हें निश्चित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना था।ट्रेन में बड़ी संख्या में सामान्य यात्रियों के साथ पीईटी परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी भी सफर कर रहे थे।अचानक ट्रेन के रुकने से परीक्षार्थी परेशान हो गए।कई अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने की चिंता सताने लगी।ट्रेन लंबे समय तक खड़ी रहने के कारण यात्री बार-बार चालक दल और रेलवे कर्मचारियों से जानकारी लेने का प्रयास करते रहे।हालांकि, कितने परीक्षार्थियों की परीक्षा प्रभावित हुई, इसकी कोई आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।रेलवे की तकनीकी समस्या के कारण यात्रियों को हुई देरी ने लंबी दूरी की रेल यात्राओं में समयबद्ध संचालन की अहमियत फिर सामने रखी है।
पानी और खाने के लिए भटकते रहे यात्री
मलवां और कंसपुर गुगौली के बीच जिस स्थान पर ट्रेन खड़ी हुई, उसके आसपास आबादी और आवश्यक सुविधाएं सीमित थीं।इस कारण यात्रियों को पीने का पानी और खाद्य सामग्री प्राप्त करने में कठिनाई हुई।ट्रेन लंबे समय तक नहीं चलने पर कुछ यात्री नीचे उतरकर आसपास घूमते नजर आए।कई यात्री यह जानने का प्रयास करते रहे कि ट्रेन कब तक रवाना होगी।दूसरी ओर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे लोगों के लिए लंबा इंतजार असुविधाजनक रहा।इस तरह की परिस्थितियों में रेलवे की ओर से समय पर सूचना उपलब्ध होना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होता है।साथ ही यात्रियों को बिना अनुमति रेल पटरी पर उतरने से बचना चाहिए, क्योंकि दूसरी लाइन पर ट्रेनों का आवागमन जारी रह सकता है।
अप मेन लाइन बाधित होने से बिगड़ा रेल संचालन
हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग देश के महत्वपूर्ण रेलवे मार्गों में शामिल है।इसके माध्यम से पूर्वी भारत के विभिन्न शहरों का संपर्क उत्तर प्रदेश और दिल्ली से होता है।इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लंबी दूरी की यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरती हैं।ऐसे व्यस्त रेलमार्ग की मुख्य लाइन पर किसी ट्रेन का लंबे समय तक खड़ा होना दूसरी ट्रेनों के संचालन को भी प्रभावित कर सकता है।नंदनकानन एक्सप्रेस के मामले में भी यही स्थिति सामने आई।इंजन में तकनीकी खराबी आने के कारण अप लाइन बाधित हो गई।रेलवे अधिकारियों ने अन्य ट्रेनों को पीछे के स्टेशनों पर रोककर यातायात नियंत्रित किया।दूसरा इंजन लगाकर नंदनकानन एक्सप्रेस रवाना करने के बाद अन्य ट्रेनों को भी आगे बढ़ाया जा सका।
तकनीकी खराबी के कारण रुकी थी ट्रेन
प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि नंदनकानन एक्सप्रेस का इंजन तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा था।कर्मचारियों ने इंजन की जांच की, लेकिन खराबी दूर नहीं हो सकी।इसके बाद दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।फिलहाल इंजन में किस विशेष तकनीकी हिस्से के खराब होने से समस्या उत्पन्न हुई, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।रेलवे इंजनों में कई प्रकार की विद्युत और यांत्रिक प्रणालियां होती हैं।इनमें खराबी आने पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से ट्रेन को रोकना आवश्यक हो सकता है।हालांकि, इस घटना में किसी विशेष तकनीकी कारण का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
यात्रियों ने ली राहत की सांस
लगभग तीन घंटे तक बीच रास्ते में खड़ी रहने के बाद नंदनकानन एक्सप्रेस आगे रवाना हुई तो यात्रियों ने राहत महसूस की।इसके बाद रेलवे ने पीछे खड़ी अन्य ट्रेनों का संचालन भी शुरू कराया।हालांकि, प्रभावित ट्रेनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होने की संभावना रही।यात्रियों के लिए यह घटना परेशानी भरी रही, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इंजन की खराबी से किसी यात्री के घायल होने या किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है।घटना ने रेलवे के तकनीकी रखरखाव और आपातकालीन परिस्थितियों में वैकल्पिक इंजन की उपलब्धता के महत्व को सामने रखा है।रेलवे के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इस तरह की स्थिति में यात्रियों को समय पर सूचना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।