लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनने के बाद समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी INDIA गठबंधन की एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली पर भी सवाल उठाए।
राधा मोहन दास अग्रवाल ने अमित शाह के संबोधन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के लखनऊ आगमन से भाजपा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पहले से ही चुनावी तैयारियों में जुटे हुए थे, लेकिन अमित शाह की उपस्थिति से उनका मनोबल और बढ़ा है। अग्रवाल के मुताबिक, भाजपा अब 2027 के चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर पूरी सक्रियता के साथ काम करेगी।
राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि अमित शाह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनने पर समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अन्य राज्यों में भी इस दिशा में कदम उठा चुकी है और उत्तर प्रदेश में भी इसी नीति को आगे बढ़ाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में UCC को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति से संबंधित कुछ व्यक्तिगत नागरिक मामलों में विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है। हालांकि, इसके दायरे, प्रावधानों और विभिन्न समुदायों पर संभावित प्रभाव को लेकर देश में लंबे समय से बहस जारी है। भाजपा इसे अपने प्रमुख नीतिगत मुद्दों में शामिल करती रही है, जबकि विपक्ष के विभिन्न दलों ने इसके स्वरूप, अल्पसंख्यक अधिकारों और सामाजिक विविधता से जुड़े सवाल उठाए हैं।
लखनऊ में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों उपमुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में भाजपा कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत लगाने का आह्वान किया। उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को अपने मतभेद और व्यक्तिगत नाराजगी पीछे छोड़कर चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज की भी सराहना की।
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। हालांकि, ये दावे भाजपा नेतृत्व के हैं और इनके मूल्यांकन के लिए संबंधित सरकारी आंकड़ों तथा स्वतंत्र अध्ययनों को देखना आवश्यक है।
इस बीच राधा मोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने INDIA गठबंधन की ओर से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की तारीख पर सवाल उठाए। अग्रवाल ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि एक नवंबर देश के इतिहास में एक दुखद तारीख है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तारीख को राजनीतिक रैली आयोजित करना सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है। अग्रवाल ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि वर्ष 1984 की हिंसा में मारे गए लोगों की स्मृति का सम्मान किया जाना चाहिए। ये आरोप अग्रवाल के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। राहुल गांधी की ओर से रैली की तारीख चुनने के पीछे किसी विशेष मंशा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा हुई थी। इस दौरान हजारों लोगों की जान गई थी। इन घटनाओं को लेकर विभिन्न जांच आयोगों, अदालती कार्यवाहियों और राजनीतिक बहसों में लंबे समय से जवाबदेही का सवाल उठता रहा है।
राधा मोहन दास अग्रवाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ने की बात कहते हुए दावा किया कि पार्टी का संगठन चुनाव के लिए तैयार है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी अमित शाह के संबोधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बैठक से कार्यकर्ताओं को स्पष्ट राजनीतिक दिशा मिली है और वे संगठन को मजबूत करने के संकल्प के साथ लौटेंगे।
राज्य सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी भाजपा के संगठनात्मक प्रयासों और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी कार्यकर्ता सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ सकता है। भाजपा जहां इसे अपने घोषित नीतिगत एजेंडे के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं विपक्षी दलों की ओर से इसके प्रावधानों और क्रियान्वयन को लेकर प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
हालांकि, उत्तर प्रदेश में UCC लागू करने के लिए विधायी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। इसके वास्तविक प्रावधान किसी प्रस्तावित विधेयक या आधिकारिक मसौदे के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल यह भाजपा नेताओं की ओर से की गई राजनीतिक घोषणा है, न कि राज्य में लागू हो चुका कानून।
अमित शाह की लखनऊ बैठक और उसके बाद राधा मोहन दास अग्रवाल के बयान ने यह स्पष्ट किया है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में संगठनात्मक सक्रियता के साथ अपने प्रमुख नीतिगत मुद्दों को भी सामने ला रही है। दूसरी ओर, राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। आने वाले समय में UCC, विकास, कानून व्यवस्था और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बहस में प्रमुख स्थान बना सकते हैं।