करवाचौथ पर चांद देखे बिना पत्नी ने खोला व्रत, नाराज पति ने खाया जहरीला पदार्थ, अस्पताल में भर्ती
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में करवाचौथ के अवसर पर पति-पत्नी के बीच कथित विवाद के बाद एक युवक द्वारा जहरीला पदार्थ खा लेने का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक इलाके में रहने वाले अमित ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की रात कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी सोनम ने करवाचौथ का व्रत रखा था, लेकिन आसमान में घने बादल होने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में सोनम ने चांद के दर्शन किए बिना व्रत खोलने का निर्णय लिया। इस बात से अमित नाराज हो गया और उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। हालांकि घटना की पूरी परिस्थितियों और युवक के इस कदम के पीछे के कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, चक्कर की मिलक निवासी अमित की पत्नी सोनम ने गुरुवार को करवाचौथ का व्रत रखा था। करवाचौथ के अवसर पर सोनम ने दिनभर पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उपवास किया।
शाम को परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की तैयारियां की गईं। इसके बाद परिवार चंद्रमा के दर्शन का इंतजार करने लगा। लेकिन गुरुवार रात मुरादाबाद में मौसम खराब होने और आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण कई स्थानों पर चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहा था।
करवाचौथ की परंपरा के अनुसार, महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोलती हैं। सोनम भी इसी परंपरा के अनुसार चंद्रदर्शन का इंतजार कर रही थीं।
हालांकि काफी देर तक चंद्रमा दिखाई नहीं देने से परेशानी बढ़ने लगी। आसपास की कई महिलाओं ने भी बादलों के कारण चंद्रदर्शन में परेशानी होने पर अपने परिवार की धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा करके व्रत खोल लिया।
बताया जा रहा है कि सोनम ने भी अन्य महिलाओं की तरह अपना व्रत खोलने का निर्णय किया। लेकिन उनके पति अमित इस बात से सहमत नहीं थे।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अमित ने पत्नी से कहा कि जब तक चंद्रमा दिखाई नहीं देता, तब तक व्रत नहीं खोलना चाहिए।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच कथित तौर पर कहासुनी हो गई। पत्नी के चंद्रदर्शन किए बिना व्रत खोलने के निर्णय से अमित नाराज हो गया।
बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद उसने घर में रखा कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
युवक की हालत खराब होती देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए मुरादाबाद के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक का उपचार शुरू किया। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसे गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। हालांकि उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल बुलेटिन सामने नहीं आया है।
अमित ने किस पदार्थ का सेवन किया, कितनी मात्रा में किया और घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था, इस संबंध में भी पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसलिए युवक की स्थिति और घटना के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
मुरादाबाद में गुरुवार को करवाचौथ के दौरान चंद्रदर्शन में परेशानी होने की बात स्थानीय समाचार रिपोर्टों में भी सामने आई है।
अमर उजाला की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, मुरादाबाद में गुरुवार रात घने बादलों के कारण कई स्थानों पर महिलाओं को निर्धारित समय पर चंद्रमा के दर्शन नहीं हो सके।
कई महिलाओं ने पुरोहितों की सलाह और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करके व्रत खोला, जबकि कुछ महिलाएं देर रात तक चंद्रमा दिखाई देने का इंतजार करती रहीं।
पंचांग के अनुसार, मुरादाबाद में करवाचौथ के दिन चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:10 बजे था। लेकिन चंद्रमा का खगोलीय उदय होना और बादलों के बीच उसका दिखाई देना अलग-अलग परिस्थितियां हैं।
आसमान में घने बादल होने की स्थिति में चंद्रमा निर्धारित समय पर निकलने के बावजूद दिखाई नहीं दे सकता। ऐसे में कई परिवार स्थानीय धार्मिक परंपराओं और पुरोहितों के मार्गदर्शन के अनुसार पूजा पूरी करते हैं।
करवाचौथ का त्योहार उत्तर भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं पति के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।
कई परिवारों में महिलाएं सूर्योदय से चंद्रदर्शन तक निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को करवा माता की पूजा, कथा और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है।
हालांकि धार्मिक मान्यताओं और पूजा की विधियों में क्षेत्र तथा परिवार के अनुसार अंतर हो सकता है।
ऐसे में किसी व्यक्ति द्वारा चंद्रदर्शन न होने पर अलग परंपरा अपनाने को लेकर परिवार में विवाद उत्पन्न होना चिंता का विषय है।
मुरादाबाद की इस घटना में भी सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, व्रत खोलने को लेकर पति-पत्नी के बीच असहमति हुई थी।
लेकिन किसी व्यक्ति द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने के पीछे केवल एक विवाद को निश्चित कारण मानना उचित नहीं है। ऐसी घटनाओं में कई व्यक्तिगत और परिस्थितिजन्य पहलू हो सकते हैं।
घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियां संबंधित लोगों के बयान और आवश्यक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पारिवारिक मतभेद होने पर शांतिपूर्वक बातचीत करना और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।
धार्मिक परंपराओं का पालन व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा विषय है। ऐसे में त्योहारों के दौरान परिवार के सदस्यों के बीच आपसी समझ और सहयोग बनाए रखना जरूरी होता है।
किसी भी धार्मिक आयोजन का उद्देश्य परिवार में प्रेम और विश्वास बढ़ाना होता है। ऐसी परिस्थितियों में विवाद बढ़ने के बजाय बातचीत से समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए।
वहीं किसी व्यक्ति के जहरीला पदार्थ सेवन करने की आशंका होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है। चिकित्सकों की सलाह के बिना उल्टी कराने या घरेलू उपचार करने का प्रयास खतरनाक साबित हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को गंभीर भावनात्मक तनाव हो या वह स्वयं को नुकसान पहुंचाने की बात करे, तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय सुरक्षित वातावरण में सहायता उपलब्ध कराना और पेशेवर मदद लेना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल चक्कर की मिलक निवासी अमित का जिला अस्पताल में उपचार किए जाने की जानकारी सामने आई है। परिजनों के अनुसार, करवाचौथ का व्रत खोलने को लेकर हुए कथित विवाद के बाद युवक की तबीयत बिगड़ी थी।
अब उसकी स्वास्थ्य स्थिति और घटना की वास्तविक परिस्थितियों से संबंधित आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक संबंधों में संवाद, आपसी विश्वास और भावनात्मक सहयोग के महत्व की ओर ध्यान दिलाया है।